मिडिल ईस्ट में छिड़ी जंग के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि फिलहाल वह ईरान के साथ युद्ध खत्म करने के लिए कोई समझौता करने के लिए तैयार नहीं हैं। उनका कहना है कि ईरान समझौता करना चाहता है, लेकिन अभी जो शर्तें हैं वे पर्याप्त नहीं हैं। हालांकि उन्होंने यह नहीं बताया कि समझौते की शर्तें क्या होंगी। NBC को दिए इंटरव्यू में ट्रंप ने कहा कि अगर कोई समझौता होता है तो उसमें यह शर्त जरूर होगी कि ईरान पूरी तरह अपने परमाणु कार्यक्रम को छोड़ दे।
ट्रंप ने यह भी कहा कि वह कई देशों के साथ मिलकर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज की सुरक्षा के लिए योजना बना रहे हैं। यह समुद्री रास्ता तेल टैंकरों के लिए बहुत अहम माना जाता है। युद्ध के कारण इस रास्ते में तनाव बढ़ने से दुनिया भर में तेल की कीमतें बढ़ गई हैं। उन्होंने बताया कि कई देशों ने इस जलमार्ग की सुरक्षा में मदद करने की बात कही है। ट्रंप ने उम्मीद जताई कि चीन, फ्रांस, जापान, दक्षिण कोरिया और यूनाइटेड किंगडम जैसे देश भी अपने युद्धपोत भेज सकते हैं ताकि जहाजों की आवाजाही सुरक्षित बनी रहे।
ट्रंप ने यह भी पुष्टि की कि अमेरिकी सेना ने ईरान के महत्वपूर्ण तेल केंद्र खर्ग द्वीप पर हमला किया है। उनके अनुसार इस हमले में द्वीप के कई हिस्से नष्ट हो गए, हालांकि उन्होंने कहा कि तेल की पाइपलाइन और ऊर्जा ढांचे को पूरी तरह नुकसान नहीं पहुंचाया गया ताकि उसे दोबारा बनाना संभव रहे। इस युद्ध की शुरुआत 28 फरवरी को हुई थी जब अमेरिका और इजरायल ने ईरान पर संयुक्त हमले किए थे। इसके बाद ईरान ने भी इजरायल और अमेरिका के ठिकानों पर जवाबी हमले शुरू कर दिए। इस संघर्ष में अब तक कई लोग मारे जा चुके हैं और अमेरिकी सेना के 13 जवानों की भी मौत हो चुकी है।
ट्रंप ने यह भी कहा कि अमेरिकी हमलों में ईरान के कई मिसाइल और ड्रोन सिस्टम नष्ट कर दिए गए हैं और आने वाले दिनों में ईरान की सैन्य ताकत को और कमजोर किया जा सकता है। इसी बीच ट्रंप ने ईरान के नए सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई को लेकर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि अभी तक यह साफ नहीं है कि वह जीवित हैं या नहीं, क्योंकि वह सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आए हैं।
ट्रंप ने बढ़ती पेट्रोल कीमतों को लेकर अमेरिकी लोगों की चिंता को भी खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि युद्ध खत्म होने के बाद तेल और गैस की कीमतें फिर से कम हो जाएंगी। इसके अलावा ट्रंप ने वलोडिमिर ज़ेलेंस्की की भी आलोचना की और कहा कि यूक्रेन युद्ध को खत्म करने के लिए उनसे समझौता करना रूस के राष्ट्रपतिव्लादिमीर पुतिन की तुलना में ज्यादा मुश्किल है।
