इजरायल ने शनिवार (28 फरवरी 2026) सुबह ईरान की राजधानी तेहरान समेत कई शहरों पर हमला किया। इसके जवाब में ईरान ने इजरायल के अलावा कुवैत, कतर, बहरीन और सऊदी अरब में मौजूद अमेरिकी बेस पर भी हमला किया है। इस बीच ईरान ने सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की सांकेतिक तस्वीर जारी की है।
कतर में अल उदेइद एयर बेस, कुवैत में अल सालेम बेस, यूएई में अल धाफरा एयर बेस, बहरीन में यूएस 5वीं फ्लीट बेस, सऊदी अरब की राजधानी रियाद, इजरायल के हाइफा और गैली शहरों में ईरान ने मिसाइल दागे।
इजरायल के हमलों की जवाबी कार्रवाई के बीच ईरान ने संयुक्त राष्ट्र का दरवाजा खटखटाया है। ईरान ने यूएन से इस युद्ध में दखल देने की मांग की है। बेंजामिन नेतन्याहू ने नागरिकों को संबोधित करते हुए एक वीडियो संदेश में कहा कि इजरायल और अमेरिका ने ईरान में आतंकवादी शासन को खत्म करने के लिए एक अभियान शुरू किया है।
उन्होंने कहा, ‘मैं अपने मित्र राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को उनके ऐतिहासिक नेतृत्व के लिए धन्यवाद देता हूं। 47 सालों से अयातुल्ला अली खामेनेई शासन इजरायल मुर्दाबाद और अमेरिका मुर्दाबाद के नारे लगाता रहा है। इसने हमारा खून बहाया है, कई अमेरिकियों की हत्या की है और अपने ही लोगों का नरसंहार किया है। इस हत्यारे आतंकवादी शासन को परमाणु हथियार जमा करने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए क्योंकि यह इसे पूरी मानवता के लिए खतरा बनने में सक्षम बना देगा।’
ईरान ने कहा कि हम हमलावरों को उसके गुनाह की सजा देंगे। ईरान के विदेश मंत्रालय ने कहा, ‘अमेरिका और इजरायल का हमला क्षेत्रीय अखंडता और राष्ट्रीय संप्रभुता का उल्लंघन है। ये हमला तब हुआ है जब डिप्लोमैटिक प्रोसेस जारी था। ईरानियों ने कभी भी विदेशी हमले और दबदबे के आगे हार नहीं मानी है। इस बार भी, ईरानी देश का जवाब निर्णायक और पक्का होगा और हमलावरों को उनके इस गुनाह के लिए पछतावा कराएगा।’
