ईरान रूस को सशस्त्र ड्रोन की आपूर्ति करने वाला है: व्हाइट हाउस

सुलिवन ने कहा, ‘‘ हमें मिली सूचना के अनुसार ईरानी सरकार रूस को सैकड़ों यूएवी देने की योजना बना रही है। इनमें हथियार ले जाने में समक्ष ड्रोन भी शामिल हैं।’’

In this photo released on Saturday, May 22, 2021, by Sepahnews of the Iranian Revolutionary Guard, the Guard's Commander Gen. Hossein Salami, left, and the Guard's aerospace division commander Gen. Amir Ali Hajizadeh talk while unveiling a new drone called "Gaza" in an undisclosed location in Iran. (Sepahnews via AP)

वाशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति कार्यालय व्हाइट हाउस को लगता है कि रूस का, यूक्रेन में चल रहे युद्ध के लिए ईरान से हथियार ले जाने में सक्षम ड्रोन सहित सैकड़ों की संख्या में मानव रहित विमान (यूएवी) प्राप्त करने का इरादा है।

अमेरिका के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जेक सुलिवन ने सोमवार को कहा कि अभी यह स्पष्ट नहीं है कि ईरान ने रूस को अभी मानवरहित प्रणालियां मुहैया कराई हैं या नहीं, अमेरिका को ऐसी सूचना मिली है कि ईरान रूसी बलों को इस माह ड्रोन परिचालन में प्रशिक्षित करने की योजना बना रहा है।

सुलिवन ने कहा, ‘‘ हमें मिली सूचना के अनुसार ईरानी सरकार रूस को सैकड़ों यूएवी देने की योजना बना रही है। इनमें हथियार ले जाने में समक्ष ड्रोन भी शामिल हैं।’’

उन्होंने यह बात ऐसे वक्त पर कही है जब राष्ट्रपति जो बाइडन इजराइल और सऊदी अरब की यात्रा पर जाने वाले हैं और इस यात्रा के दौरान ईरान के परमाणु कार्यक्रम तथा क्षेत्र में उसकी अराजक गतिविधियों पर चर्चा होनी है।

अमेरिका द्वारा इस बात का खुलासा करने का निर्णय, कि दोनों देशों का प्रमुख क्षेत्रीय विरोधी ईरान रूस को हथियार मुहैया कराने में मदद कर रहा है,तब लिया गया जब इजराइल और सऊदी अरब ने रूस को दंडित करने के वैश्विक प्रयासों में बाधा डाली।

सुलिवन ने यह भी कहा कि ईरान ने यमन के हुती विद्रोहियों को भी इसी प्रकार के मानव रहित ड्रोन मुहैया कराए हैं। हुती विद्रोहियों ने इन्हीं हथियारों के जरिए सऊदी अरब पर हमले किए।

सीएनए के सैन्य विशेषज्ञ सैमुएल बेनडेट ने कहा कि रूस का ड्रोन हासिल करने के लिए ईरान को चुनना तर्कसंगत लगता है क्योंकि,‘‘ पिछले 20या अधिक वर्षों से ईरान अपने ड्रोन को आधुनिक बना रहा है…।’’

उन्होंने कहा, ‘‘ ईरान का ड्रोन के जरिए सैकडों मील दूर के लक्ष्य को निशाना बनाने का इतिहास है, जिसमें अमेरिका द्वारा मुहैया कराई गई हवाई रक्षा प्रणालियों को वेधना और सऊदी अरब के तेलशेाधन कारखानों पर हमले शामिल हैं।’’

First Published on: July 12, 2022 6:39 PM
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