ईरान में उग्र विरोध प्रदर्शन के तीन दिन बीत जाने के बाद राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने तल्ख टिप्पणी की है। उन्होंने दंगाइयों और आतंकवादियों की आड़ में ईरानी समाज में गड़बड़ी फैलाने वालों की निंदा की है। उन्होंने कहा कि अमेरिका और इजरायल दंगों का ऑर्डर देकर ईरान में अफरा-तफरी और गड़बड़ी फैलाना चाहते हैं। उन्होंने ईरान के लोगों से दंगाइयों और आतंकवादियों से दूरी बनाने की अपील की।
राष्ट्रपति पेजेशकियान ने रविवार (11 जनवरी) को देश को संबोधित करते हुए ईरान के लोगों को भरोसा दिलाया कि सरकार उनकी मांगों और चिंताओं पर ध्यान देगी। इसके साथ ही उन्होंने चेतावनी भी दी कि दंगाइयों को समाज में गड़बड़ी करने की इजाजत नहीं दी जाएगी।
पेशाकियान ने ईरान के सरकारी टीवी चैनल को दिए इंटरव्यू में कहा, ‘ईरानियों को दंगाइयों को समाज में गड़बड़ी फैलाने की इजाजत नहीं देनी चाहिए। लोगों को यह समझना होगा कि सरकार न्याय चाहती है। लोग फिक्रमंद हैं; हमें भी एहसास है।’ उन्होंने कहा कि हम प्रदर्शनकारियों से बातचीत करने को तैयार है, अधिकारी उनकी सभी बातें सुनेंगे, लेकिन दंगाई पूरे ईरानी समाज को बर्बाद करने की कोशिश कर रहे हैं।
ईरानी सरकार की कार्रवाई में कथित तौर पर 100 से ज्यादा लोगों के मारे जाने की खबर है। वहीं, एपी की रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान में देशव्यापी विरोध प्रदर्शनों में कम से कम 203 लोग मारे गए हैं, लेकिन सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि मरने वालों की संख्या इससे कहीं अधिक हो सकती है। विरोध प्रदर्शनों की शुरुआत के बाद पहली बार पेजेशकियान ने ईरानियों को कुछ राहत देने के लिए एक आर्थिक प्लान भी पेश किया। प्रतिबंधों से प्रभावित देश अभी भी आर्थिक तंगी से जूझ रहा है।
ये विरोध प्रदर्शन, जो ईरान की राजधानी तेहरान में रहने के बढ़ते खर्च और बढ़ते आर्थिक संकट के खिलाफ छोटे-छोटे प्रदर्शनों के तौर पर शुरू हुए थे, अब बड़े पैमाने पर सुरक्षा कार्रवाई और पूरे इंटरनेट ब्लैकआउट के बावजूद लगातार 14वें दिन में पहुंच गए हैं।
प्रदर्शनकारियों ने सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई के नेतृत्व वाले शासन को हटाने की मांग की है। तेहरान की सड़कों पर लोग सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं, जबकि ईरान के निर्वासित क्राउन प्रिंस रेजा पहलवी ने संकेत दिया है कि वह वापस आएंगे और प्रदर्शनकारियों से प्रदर्शन जारी रखने की अपील की है।
