तोक्यो। जापान के उत्तर-पूर्वी भाग के तटवर्ती क्षेत्रों में आए जोरदार भूकंप के झटके फुकुशिमा, मियागी और अन्य इलाकों में महसूस किए गए। हालांकि, इससे सुनामी का कोई खतरा नहीं है। तोक्यो इलेक्ट्रिक पॉवर कंपनी ने कहा कि भूकंप के कारण फुकुशिमा डायची परमाणु संयंत्र में कोई समस्या नहीं आई। दस साल पहले भयंकर भूकंप आने से इस परमाणु संयंत्र को बड़ा नुकसान पहुंचा था।
सरकारी प्रवक्ता कत्सूनोबा काटो ने कहा कि ओनागावा या फुकुशिमा डायनी जैसे क्षेत्र के अन्य परमाणु संयंत्रों से तत्काल किसी गड़बड़ी की कोई खबर नहीं है। जापान मौसम विज्ञान एजेंसी ने बताया कि भूकंप की तीव्रता 7.3 मापी गई। इससे पहले 7.1 तीव्रता बताई गई थी। काटो के मुताबिक तोक्यो इलेक्ट्रिक पावर कंपनी ने बताया कि भूकंप के बाद 8 लाख से अधिक घरों में बिजली गुल हो गयी।
जापान के सरकारी प्रसारक एनएचके टीवी पर प्रसारित वीडियो में एक भवन की दीवार के कुछ टुकड़े और अलमारी जैसी चीजें गिरती दिखाई देती हैं। संबंधित एक अन्य वीडियो में सोमा शहर में एक राजमार्ग भूस्खलन के कारण बंद होता दिखता है। काटो ने कहा कि कुछ लोगों के मामूली रूप से घायल होने की जानकारी मिली है।
जापान मौसम विज्ञान एजेंसी ने बताया कि भूकंप का केंद्र समुद्र तल से करीब 60 किलोमीटर की गहराई पर था। प्रधानमंत्री योशिहिदे सुगा भूकंप की खबर मिलने के तत्काल बाद अपने कार्यालय गए जहां एक आपदा केंद्र स्थापित किया गया।
भूकंप तोक्यो से लेकर दक्षिण पश्चिम क्षेत्र तक महसूस किया गया। विशेषज्ञों ने आगाह किया है कि अगले कुछ दिन तक और झटके आ सकते हैं। उन्होंने कहा है कि और अधिक शक्तिशाली भूकंप भी आ सकता है।








