रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध में हमले एक बार फिर तेज हो गए हैं। रूस ने यूक्रेन के ड्नीप्रो शहर पर बड़े पैमाने पर मिसाइल हमला किया, जिसके बाद शहर में आग और धुएं का गुबार दिखाई दिया। इससे दो दिन पहले यूक्रेन ने मॉस्को क्षेत्र पर अब तक का सबसे बड़ा ड्रोन हमला किया था।
रूस के मॉस्को मेयर सर्गेई सोबयानिन के मुताबिक, राजधानी की ओर बढ़ रहे करीब 450 ड्रोन मार गिराए गए। इस हमले में एक प्रमुख तेल रिफाइनरी और एक रिहायशी इमारत को निशाना बनाए जाने की बात सामने आई है।
मॉस्को क्षेत्र के गवर्नर आंद्रेई वोरोब्योव ने बताया कि ड्रोन हमलों में कम से कम दो लोगों की मौत हुई और 20 लोग घायल हुए। सोफिनो में रविवार को एक ड्रोन ने तीन मंजिला रिहायशी इमारत को निशाना बनाया, जिसमें 44 वर्षीय महिला की मौत हो गई। पांच अन्य लोग, जिनमें दो बच्चे शामिल हैं, घायल हुए।
ओरेखोवो-जुएवो जिले में एक निजी मकान पर हमला हुआ, जिसमें एक बुजुर्ग व्यक्ति की मौत हो गई। सोशल मीडिया पर सामने आए और एक वीडियो में मॉस्को के रात के आसमान में धमाके और एक जलता हुआ गोदाम दिखाई दिया।
मेयर सोबयानिन ने कहा कि एक ड्रोन राजधानी के एक प्रमुख बुलेवार्ड के पास स्थित इमारत से टकराया। यूक्रेनी सैन्य अधिकारियों के अनुसार, हमले में मॉस्को की तेल रिफाइनरी की तीन प्रमुख इकाइयों को नुकसान पहुंचा।
कीव के रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, यह रिफाइनरी मॉस्को क्षेत्र के एक तिहाई से ज्यादा ईंधन की आपूर्ति करती है। यहां बनने वाले पेट्रोल, डीजल और विमान ईंधन का कुछ हिस्सा रूसी सेना को भी जाता है।
यूक्रेनी अधिकारियों ने बताया कि शनिवार को कीव और सूमी क्षेत्रों में रूसी हमलों में नौ लोगों की मौत हुई, जिनमें तीन बच्चे शामिल हैं। सोबयानिन ने मॉस्को पर हुए हमले को रूस के संसदीय चुनाव को बाधित करने की कोशिश बताया। रविवार को चुनाव का तीसरा दिन था। यह चुनाव क्रेमलिन के कड़े नियंत्रण में होने की बात कही जाती है और आलोचक इसे स्वतंत्र, निष्पक्ष और पारदर्शी नहीं मानते।
रूसी सरकारी मीडिया ने बताया कि रविवार को यूक्रेन के रूस नियंत्रित खेरसॉन क्षेत्र में एक बस पर ड्रोन हमले में मारे गए दो लोगों में एक चुनाव अधिकारी भी शामिल था।
पिछले सप्ताह रूस और यूक्रेन दोनों ने ऊर्जा और परिवहन ढांचे के साथ बड़े लॉजिस्टिक्स केंद्रों को निशाना बनाया है। यह सिलसिला तब भी जारी है, जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर दावा किया था कि दोनों पक्ष ऊर्जा ढांचे पर हमले नहीं करने पर सहमत हुए हैं।
