ईरान में मौतों का आंकड़ा 2,500 के पार, ट्रंप ने भी दी चेतावनी

ईरान में 28 दिसंबर से जारी भीषण विरोध प्रदर्शनों के बीच हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं। मानवाधिकार कार्यकर्ताओं के अनुसार, अब तक 2,000 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि कुछ रिपोर्ट्स में यह आंकड़ा 2,500 से भी ज्यादा बताया गया है। इसी बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरानी सरकार को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि प्रदर्शनकारियों की हत्या बर्दाश्त नहीं की जाएगी और मदद रास्ते में है।

ट्रंप ने ईरान के लोगों से विरोध प्रदर्शन जारी रखने की अपील की है, वहीं ईरानी सरकार ने आंशिक रूप से कुछ पाबंदियां हटाईं है, जिससे लोग कई दिनों बाद विदेश में फोन कॉल कर पाए। हालांकि, इंटरनेट और SMS सेवाएं अब भी ठप हैं, जिससे देश अंदर-बाहर संपर्क बेहद सीमित बना हुआ है।

अमेरिका स्थित Human Rights Activists News Agency (HRANA) के अनुसार, ईरान में जारी विरोध प्रदर्शनों में मरने वालों की संख्या बढ़कर 2,571 हो गई है। वहीं ईरानी सरकारी टीवी ने भी स्वीकार किया कि देश को नुकसान हुआ है। ईरान के Martyrs Foundation के प्रमुख अहमद मौसवी के हवाले से कहा गया कि सशस्त्र और आतंकवादी समूहों के कारण देश को भारी क्षति उठानी पड़ी है। हालांकि, अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठनों का आरोप है कि अधिकांश मौतें सुरक्षा बलों की कार्रवाई में हुई हैं।

डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Truth Social पर एक तीखा संदेश जारी करते हुए ईरानियों से विरोध प्रदर्शन तेज़ करने का आह्वान किया। उन्होंने लिखा ईरानी लोग प्रदर्शन जारी रखें, अपने संस्थानों पर कब्जा करें। हत्यारों और अत्याचारियों के नाम सुरक्षित रखें, उन्हें भारी कीमत चुकानी होगी। जब तक हत्याएं बंद नहीं होतीं, मैंने ईरानी अधिकारियों के साथ सभी बैठकें रद्द कर दी हैं। मदद रास्ते में है।

ट्रंप ने कहा कि वह अपने राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों के साथ लगातार बैठक कर रहे हैं और उन्हें भरोसा है कि ईरान में हत्याओं का पैमाना बेहद गंभीर है। उन्होंने कहा, ‘वे बहुत बुरी तरह से गलत व्यवहार कर रहे हैं। उन्हें मानवता दिखानी चाहिए। यह एक बहुत बड़ी समस्या है।’ ट्रंप ने संकेत दिया कि अगर हालात नहीं सुधरे तो अमेरिका उसी अनुसार कार्रवाई करेगा।

ईरान ने ट्रंप पर राजनीतिक अस्थिरता फैलाने, हिंसा भड़काने और देश की संप्रभुता को खतरे में डालने का आरोप लगाया है। संयुक्त राष्ट्र में ईरान के राजदूत अमीर सईद इरावानी ने सुरक्षा परिषद को पत्र लिखकर कहा कि निर्दोष नागरिकों, विशेषकर युवाओं की मौत के लिए अमेरिका और इजरायल जिम्मेदार हैं।

CBS News को दिए इंटरव्यू में ट्रंप ने चेतावनी दी कि अगर ईरान ने प्रदर्शनकारियों को फांसी दी तो अमेरिका“बहुत कड़ी कार्रवाई करेगा। उन्होंने कहा, ‘मेरा लक्ष्य जीतना है। मुझे जीतना पसंद है।’ इसके जवाब में ईरान ने आरोप लगाया कि अमेरिका सैन्य हस्तक्षेप के लिए बहाना तलाश रहा है।

ईरान में हिंसा और इंटरनेट बंदी को लेकर कई यूरोपीय देशों ने ईरानी राजदूतों को तलब किया है। फिनलैंड ने इंटरनेट बंदी को खामोशी में दमन बताया नीदरलैंड, फ्रांस और जर्मनी ने हिंसा को अमानवीय और अस्वीकार्य करार दिया है। ब्रिटेन और यूरोपीय संघ ने ईरान पर नए प्रतिबंधों की घोषणा की है। EU प्रमुख उर्सुला वॉन डर लेयेन ने कहा कि ईरान में बढ़ती मौतें भयावह हैं।

संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार प्रमुख वोल्कर तुर्क ने ईरान से अपील की कि वह शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों के खिलाफ हिंसा बंद करे और उन्हें आतंकवादी कहना बंद करे। उन्होंने कहा कि ईरानी नागरिकों को शांतिपूर्ण प्रदर्शन का अधिकार है और उनकी शिकायतों को सुना जाना चाहिए, न कि दबाया जाना।

First Published on: January 14, 2026 11:09 AM
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