हाफिज सईद के टॉप कमांडर इस्माइल अहमद की रहस्यमयी हालात में मौत

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पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) और खैबर पख्तूनख्वा से एक बड़ी खबर सामने आई है, जहां लश्कर-ए-तैयबा (LeT) के टॉप कमांडर इस्माइल अहमद की रहस्यमयी हालात में मौत हो गई है। मातृभूमि डॉट कॉम की रिपोर्ट के मुताबिक सूत्रों ने कहा कि यह आतंकी संगठन के भीतर लगातार हो रही टारगेट किलिंग की नई कड़ी है, जिसने पूरे नेटवर्क को हिला कर रख दिया है।

मारे गए आतंकी की पहचान हाफिज सईद के करीबी और LeT की कोर कमेटी के सदस्य के तौर पर हुई है। बताया जा रहा है कि वह भारत के खिलाफ कई आतंकी साजिशों में शामिल था, खासकर जम्मू-कश्मीर को निशाना बनाने वाली गतिविधियों में उसकी अहम भूमिका थी।

रिपोर्ट के मुताबिक, उसका शव खैबर पख्तूनख्वा के एक दूरदराज इलाके में गोली लगे हालत में मिला। हालांकि पाकिस्तान की तरफ से अभी तक इस घटना पर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है, लेकिन शुरुआती जानकारी से यह साफ है कि यह कोई सामान्य मौत नहीं, बल्कि एक सटीक और प्लान किया गया हमला था।

दरअसल, साल 2026 की शुरुआत से ही लश्कर-ए-तैयबा के भीतर इस तरह की हत्याओं का सिलसिला तेज हो गया है। अप्रैल में संगठन के एक और अहम सदस्य शेख यूसुफ अफरीदी को भी इसी तरह नजदीक से गोली मार दी गई थी। वह संगठन में युवाओं को कट्टरपंथी बनाने और लॉजिस्टिक्स संभालने का काम करता था। इससे पहले, अमीर हमजा जो 2005 के बेंगलुरु IISc हमले से जुड़ा रहा था उसे भी लाहौर में मोटरसाइकिल सवार हमलावरों ने निशाना बनाया था।

मार्च में तो एक और बड़ा झटका तब लगा, जब बिलाल आरिफ सराफी, जो सालों से ‘कश्मीर जिहाद’ के लिए फंडिंग जुटाता था, उसे मुरिदके स्थित संगठन के मुख्यालय के अंदर ही मार दिया गया। यह हमला ईद की नमाज के तुरंत बाद हुआ, जिससे सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठे।

कुछ विश्लेषकों का मानना है कि पाकिस्तान के आतंकी समूहों के अंदर ही सत्ता संघर्ष चल रहा है, जबकि कुछ इसे किसी बाहरी खुफिया ऑपरेशन से जोड़कर देख रहे हैं। हालांकि अभी तक किसी भी समूह ने इन हमलों की जिम्मेदारी नहीं ली है।