पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने मंगलवार (26 मई) को बड़ा फैसला किया। उन्होंने कहा कि राज्य के सभी स्कूल, कॉलेज और मंदिरों के एक किलोमीटर के दायरे में शराब की दुकान खोलने की अनुमति नहीं होगी। शुभेंदु सरकार का शराब को लेकर यह बड़ा फैसला माना जा रहा है। अहम बात यह भी है कि उन्होंने गरीबों को ध्यान में रखते हुए मछली और चावल को लेकर भी बड़ा ऐलान किया है।
बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने कल्याणी में कहा, ‘स्कूल और कॉलेज के साथ-साथ मंदिरों के एक किलोमीटर के दायरे में शराब की दुकानें नहीं खुलेंगी। इसकी अनुमति नहीं होगी।’ सीएम शुभेंदु का यह फैसला काफी अहम माना जा रहा है। इसकी वजह से स्कूल और कॉलेज के आसपास का माहौल बेहतर होने की उम्मीद होगी। अहम बात यह भी है कि सरकार अन्नपूर्णा योजना के लिए 27 मई से फॉर्म जारी करेगी, जिसके तहत महिलाओं को प्रति माह 3,000 रुपये दिए जाएंगे।
गौरतलब है कि बिहार और गुजरात में शराब पूरी तरह से बैन है। बिहार में अप्रैल 2016 में शराब को प्रतिबंधित कर दिया गया था। वहीं मिजोरम और नागालैंड में भी शराबबंदी पूरी तरह से लागू है। दिसंबर 2016 में सुप्रीम कोर्ट ने शराब को लेकर एक अहम फैसला सुनाया था। अदालत ने कहा था कि हाईवे के 500 मीटर के दायरे में शराब की दुकानें नहीं होंगी। हालांकि इसके बाद कोर्ट ने 2024 में स्थिति को स्पष्ट करते हुए धार्मिक और शैक्षिणिक संस्थानों का जिक्र किया।
बंगाल के सीएम शुभेंदु अधिकारी ने मछली और चावल को लेकर भी अहम ऐलान किया। उन्होंने कहा कि पूरे बंगाल में 400 विशेष कैंटीन में मछली-चावल का भोजन पांच रुपये में उपलब्ध कराया जाएगा।
