प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राज्यसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर बयान कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को हजम नहीं हो रहा है कि मोदी प्रधानमंत्री के पद पर कैसे पहुंच गया है। कांग्रेस खुद को मोहब्बत की दुकान वाली कहती है। अब तो मोहब्बत की दुकान वाले मेरी कब्र खोदने की बात करते हैं। कब्र खोदना उनका नारा नहीं भाव है।
PM मोदी ने कहा कि हम विकसित भारत की जमीन तैयार कर रहे हैं। कांग्रेस मोदी की कब्र खोदने के कार्यक्रम करवा रही है। मोहब्बत की दुकान खोलने वाले ‘मोदी तेरी कब्र खुदेगी’ के नारे लगा रहे हैं। ये कौन सी मोहब्बत की दुकान है, जो देश के किसी नागरिक की कब्र खोदने की बात करती है। क्या ये संविधान का अपमान नहीं है। PM मोदी ने कहा कि इसकी 7 बड़ी वजहें हैं:
नेहरू जी ने देश के साथ अन्याय किया था। उन्होंने सिंधु जल समझौता करके बहुत बड़ी गलती की थी। हमने उस समझौते को एबेंस में डाल दिया, इसलिए आप मोदी की कब्र खोदने के नारे लगाते हैं।
कांग्रेस की परेशानी कुछ और है। ये पचा नहीं पा रहे की मोदी यहां तक पहुंचा कैसे और पहुंचा तो पहुंचा मोदी टिका कैसे है, इसलिए एक ही रास्ता उनको लग रहा है की मोदी तेरी कब्र खुदेगी।
कांग्रेस ने कभी स्टार्टअप कल्चर को बल नहीं दिया। ये अपने घर के स्टार्टअप को भी ठीक नहीं कर पा रहे। हमारी सरकार ने आज 2 लाख से ज्यादा स्टार्टअप को सपोर्ट किया। लेकिन इनके पास एक ही रास्ता है, मोदी तेरी कब्र खुदेगी।
पहले देश में बार-बार खबर आती थी सेना के पास गोला-बारूद, बुलेट प्रूफ जैकेट नहीं है। बर्फ में खड़े होने के लिए जूते तक नहीं है। हमने देश जवानों के लिए खजाने खोल दिए। इसलिए उनके पास कोई रास्ता बचा नहीं है और मोदी की कब्र खोदना चाहते हैं।
कांग्रेस को लगता है कि प्रधानमंत्री की कुर्सी उनकी जागीर है। कांग्रेस को यह तनाव है कि मोदी यहां तक कैसे पहुंचा है। नेहरू ने देश के साथ बहुत अन्याय किया था, हमने उसे सुधार दिया। हमने 370 की दीवार गिरा दी, इसलिए कब्र खोदना चाहते हैं।
हम नॉर्थ ईस्ट में शांति लेकर आए और पाकिस्तानी आतंकियों को घर में घुसकर जवाब देते हैं, इसलिए वे मेरी कब्र खोदना चाहते हैं।
हम आपरेशन सिंदूर करते हैं, जिससे उनको परेशानी होती है, इसलिए वे मोदी की कब्र खोदते हैं। माओवादी आतंक से निपटने के लिए कदम उठाते हैं।
PM मोदी ने कहा कि इसके बाद भी वे बयान देंगे, देखो प्रधानमंत्री राज्यसभा में भी रो रहा था। पिछले 25 साल से संसद का एक भी सत्र ऐसा नहीं गया, जिसमें मोदी को इस संसद में गाली देने का काम न किया हो। मुझसे किसी ने पूछा था स्वास्थ्य का राज, मैंने कहा था कि दो किलोग्राम गाली खाता हूं। मोदी की कब्र ये क्यों खोदना चाहते हैं, ये नारा नहीं, इनके भीतर नफरत का प्रतिबिंब है।
PM मोदी ने कहा, ‘मैंने जो चर्चा देखी, उससे मुझे लगता है कि इसका लेवल और ऊंचा होना चाहिए था। कांग्रेस ने सरकार में कई साल बिताए हैं, उन्हें ऊंचे लेवल की बहस पक्की करनी चाहिए थी, लेकिन उन्होंने यह मौका भी गंवा दिया। देश ऐसे लोगों पर कैसे भरोसा कर सकता है? कल, मैं एक सम्मानित सदस्य को सुन रहा था जो खुद को ‘राजा’ कहने में बहुत गर्व महसूस करते हैं। लेकिन मुझे बताइए, जब कोई खुद को राजा समझने वाला आर्थिक असमानता के बारे में बोलता है, तो कोई भी सोचने पर मजबूर हो जाता है कि क्या हम सच में ऐसे दिन देखने के लिए मजबूर हो गए हैं?
