कानपुर हत्याकांड: पहले बच्ची के साथ किया सामूहिक दुष्कर्म फिर कर दी थी नृशंस हत्या

मुख्यमंत्री ने शोक संतप्त परिजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए उन्हें पांच लाख रुपए की आर्थिक सहायता दिए जाने के निर्देश दिए हैं। योगी ने कहा है कि प्रदेश सरकार प्रकरण की फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवायी कराकर अपराधियों को जल्द से जल्द सजा दिलाएगी।

कानपुर। उत्तर प्रदेश में अपराध का ग्राफ लगातार बढ़ता जा रहा है। सूबे के सीएम योगी आदित्यनाथ की सख्ती के बावजूद अपराध और अपराधियों पर अंकुश लगाने में पुलिस विफल साबित हो रही है। कानपुर जिले के घाटमपुर क्षेत्र में दीपावली की रात कथित रूप से काला जादू और तंत्र-मंत्र के लिये छह साल की एक दलित लड़की की हत्‍या से पहले सामूहिक दुष्कर्म भी किया गया था।

मुख्यमंत्री ने शोक संतप्त परिजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए उन्हें पांच लाख रुपए की आर्थिक सहायता दिए जाने के निर्देश दिए हैं। योगी ने कहा है कि प्रदेश सरकार प्रकरण की फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवायी कराकर अपराधियों को जल्द से जल्द सजा दिलाएगी।

अपर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण बृजेश श्रीवास्तव ने बताया कि इस वारदात के मामले में पकड़े गए अंकुल कुरील (20) और बीरन (31) नामक व्यक्तियों ने पुलिस को जानकारी दी कि उन्होंने बच्ची से सामूहिक बलात्कार करने के बाद उसकी गला दबाकर हत्या कर दी।

उन्होंने बताया की हत्या करने के बाद दोनों आरोपियों ने बच्ची के दोनों फेफड़े निकाल कर मुख्य आरोपी परशुराम को दिए थे, परशुराम को काला जादू करने के लिए इन अंगों की जरूरत थी।

श्रीवास्तव ने बताया कि परशुराम को रविवार को ही गिरफ्तार कर लिया गया था जबकि उसकी पत्नी को वारदात में शामिल होने की आशंका के आधार पर हिरासत में लिया गया है।

उन्होंने बताया कि परशुराम ने शुरू में पुलिस को भ्रमित करने की कोशिश की, लेकिन सख्ती से पूछताछ करने पर उसने सारा सच उगल दिया और कहा कि उसकी शादी 1999 में हो गई थी लेकिन अब तक उसकी कोई संतान नहीं है।

परशुराम ने बताया कि उसे औलाद हासिल करने के लिए काला जादू करने की सलाह दी गई थी, इसके लिए किसी बच्ची के फेफड़ों की जरूरत थी इसीलिए उसने अपने भतीजे अंकुल और उसके मित्र बीरन को अपनी पड़ोसी की बच्ची अगवा करने के लिए तैयार किया था।

पुलिस उप महानिरीक्षक (डीआईजी) डॉ. प्रीतिंदर सिंह ने बताया कि घाटमपुर कोतवाली क्षेत्र के एक गांव में रहने वाला परिवार शनिवार को दीपावली की पूजा की तैयारी कर रहा था, तभी अचानक उनकी छह वर्षीय बेटी लापता हो गई थी।

उन्होंने बताया कि परिजनों को जब बेटी नहीं दिखी तो उसकी तलाश शुरू हुई और रविवार सुबह मंदिर के पास से गुजर रहे ग्रामीणों ने बच्‍ची का शव देखा। लड़की के हाथ और पैर में रंग लगा था और एक चप्‍पल और कपड़े समेत उसका सामान भी पेड़ के पास से बरामद किया गया था।

पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) बृजेश श्रीवास्‍तव ने बताया कि इस सिलसिले में मुकदमा दर्ज किया गया है। तंत्र-मंत्र के लिए लड़की की हत्‍या के सम्बन्ध में डीआईजी ने बताया कि इसकी पुष्टि के लिए वैज्ञानिक साक्ष्‍य जुटाने को फॉरेंसिक विशेषज्ञों और खोजी कुत्तों की मदद ली जा रही है।

First Published on: November 17, 2020 11:56 AM
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