अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप बार-बार दावा करते रहे हैं कि दुनिया के बड़े नेता उन्हें बताते हैं कि अमेरिका इस समय दुनिया का सबसे आकर्षक और ताकतवर देश बन गया है। ट्रंप का कहना है कि अब हर कोई अमेरिका में निवेश करना चाहता है, यहां आना चाहता है और अमेरिका पहले से कहीं ज्यादा मजबूत स्थिति में है।
मंगलवार को जारी प्यू रिसर्च सेंटर के 2026 ग्लोबल एटीट्यूड सर्वे ने एक अलग तस्वीर पेश की है। इस सर्वे के मुताबिक दुनिया के कई देशों में ट्रंप को लेकर भरोसा काफी कम हुआ है। सर्वे में सिर्फ 23 फीसदी लोगों ने कहा कि उन्हें वैश्विक मामलों में ट्रंप की नेतृत्व क्षमता पर भरोसा है।
प्यू रिसर्च सेंटर पिछले 20 सालों से दुनिया में अमेरिका की छवि और उसके प्रति लोगों की राय पर नजर रख रहा है। इस बार के सर्वे में ट्रंप को विदेश नीति के लगभग हर बड़े मुद्दे पर कमजोर रेटिंग मिली है। सर्वे में शामिल 36 देशों के 74 फीसदी लोगों ने कहा कि उन्हें ईरान के मामले को संभालने का ट्रंप का तरीका पसंद नहीं आया।
ट्रंप की टैरिफ पॉलिसी को लेकर भी दुनिया के कई देशों में नाराजगी देखी गई। खासकर उन देशों में जिनका अमेरिका के साथ बड़ा व्यापारिक संबंध है। यूके में सिर्फ 27% लोगों ने ट्रंप की व्यापार नीति को सही माना। भारत में यह आंकड़ा 18 फीसदी रहा। कनाडा में 17 फीसदी, जापान में 15 फीसदी, दक्षिण कोरिया में 14 फीसदी, मेक्सिको में 11 फीसदी और जर्मनी में केवल 8 फीसदी लोगों ने इसे समर्थन दिया।
जहां इजरायल में अमेरिका को सबसे ज्यादा 81 फीसदी फेवरबल रेटिंग मिली, वहीं अफ्रीकी देशों में भी अमेरिका की छवि अपेक्षाकृत बेहतर बनी हुई है, लेकिन भारत में ट्रंप को लेकर भरोसा कम हुआ है। 2025 में जहां 51 फीसदी भारतीयों को ट्रंप पर भरोसा था, वहीं 2026 में यह घटकर 39 फीसदी रह गया।
कनाडा में अमेरिका को लेकर भरोसे में सबसे बड़ी गिरावट देखी गई। 2022 के बाद से दुनियाभर में अमेरिका को एक भरोसेमंद सहयोगी मानने वाले लोगों की संख्या तेजी से कम हुई है। कनाडा में यह गिरावट बेहद तेज रही। बाइडेन के समय 83 कनाडा में अमेरिका कनाडाई अमेरिका पर भरोसा करते थे, लेकिन अब यह आंकड़ा घटकर 35 फीसदी रह गया है।
यूरोप में भी ट्रंप की छवि कमजोर हुई है। फ्रांस, जर्मनी, स्वीडन, नीदरलैंड और इटली जैसे देशों में लगभग तीन-चौथाई या उससे ज्यादा लोगों ने ट्रंप को लेकर नकारात्मक राय दी। जर्मनी में भरोसे का स्तर 83% से गिरकर 39% तक पहुंच गया। स्वीडन में यह 83 फीसदी से घटकर 31 फीसदी रह गया।
दिलचस्प बात यह है कि ट्रंप के घरेलू आंकड़े भी बहुत अच्छे नहीं दिख रहे। नेट सिल्वर के पोलिंग एवरेज के मुताबिक ट्रंप का नेट अप्रूवल 18.9 पर पहुंच गया है। यह उनके पहले कार्यकाल की इसी अवधि से भी ज्यादा खराब स्थिति है।
एक सर्वे में ट्रंप का अप्रूवल सिर्फ 30 फीसदी बताया गया, जो अब तक का सबसे कम स्तर माना जा रहा है। अर्थव्यवस्था को संभालने के मामले में केवल 26 फीसदी लोग ट्रंप के काम से संतुष्ट हैं, जबकि 70 फीसदी लोगों ने असंतोष जताया।
अमेरिका अब भी दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है। उसकी सैन्य ताकत और वैश्विक गठबंधन भी मजबूत बने हुए हैं। कई देश अब भी अमेरिकी शक्ति और संसाधनों पर भरोसा करते हैं, लेकिन प्यू सर्वे साफ दिखाता है कि ताकत और लोकप्रियता दोनों अलग-अलग चीजें हैं।
