बीजेपी और एसपी ने एक-दूसरे पर हमले किए तेज, प्रचार के लिए बचे सिर्फ दो दिन

उत्तर प्रदेश में दो विधानसभा और एक लोकसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव से पहले प्रचार के लिए सिर्फ दो दिन बचे हैं, ऐसे में भाजपा और समाजवादी पार्टी एक-दूसरे पर अपने हमले तेज कर रहे हैं।

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में दो विधानसभा और एक लोकसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव से पहले प्रचार के लिए सिर्फ दो दिन बचे हैं, ऐसे में भाजपा और समाजवादी पार्टी एक-दूसरे पर अपने हमले तेज कर रहे हैं। पिछली सपा सरकार की आलोचना करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि अखिलेश सरकार में किसान अपनी जमीन पर नहीं जा सकते थे, क्योंकि उनके नलकूप कनेक्शन काट दिए गए थे, मशीनें चोरी हो गई थीं और उनका गला रेत दिया गया था।

उन्होंने कहा, सपा शासन में लड़कियां स्कूल और महिलाएं बाजारों में नहीं जा सकती थीं। लोगों को कैराना और कांडला जैसी जगहों से पलायन करने के लिए मजबूर किया गया था। लोग सचिन और गौरव (मुजफ्फरनगर दंगों के दौरान मारे गए दो भाइयों) के साथ हुई क्रूरता को कभी नहीं भूल सकते।

उन्होंने लोगों से समाजवादी पार्टी के ”पेशेवर अपराधियों” को जीतने से रोकने का आग्रह किया। उन्होंने कहा, कवल का बावल (मुजफ्फरनगर) सपा का अभिशाप है। इस बीच उपमुख्यमंत्री केशव मौर्य ने सपा प्रमुख अखिलेश यादव और उनके चाचा शिवपाल यादव पर सामंतवादी मानसिकता से प्रेरित होने का आरोप लगाया।

मौर्य ने कहा कि इसी सामंती सोच के कारण ही समाजवादी पार्टी की सरकार और संगठन दोनों में चाचा-भतीजे का राज कायम रहा।

उन्होंने कहा, यह परिवार पिछड़े और दलितों को आगे बढ़ते हुए नहीं देख सकता है।

उन्होंने बीजेपी उम्मीदवार रघुराज सिंह शाक्य के लिए अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल करने के लिए शिवपाल को आड़े हाथों लिया और कहा कि लोग शिवपाल और उनके भतीजे को सपा की साइकिल पंचर करके जवाब देंगे और मैनपुरी में शाक्य की जीत सुनिश्चित करेंगे।

अखिलेश को पिछड़ा विरोधी बताते हुए मौर्य ने कहा कि वह और उनका परिवार समाजवादी नहीं बल्कि पिछड़ों का विरोधी है।

उन्होंने कहा कि अखिलेश ही नहीं उनके चाचा शिवपाल, राम गोपाल और पूरे परिवार के दिमाग में एक ही बात है कि सत्ता में रहते हुए भ्रष्टाचार, गुंडागर्दी और अराजकता के आधार पर आम लोगों में अपना डर और आतंक कैसे बनाए रखा जाए।

वहीं शिवपाल यादव ने कहा कि समाजवादी पार्टी और यादव परिवार में एकता देखकर बीजेपी की बौखलाहट बढ़ती जा रही है। उन्होंने कहा, वे विभाजन को भुनाने की उम्मीद कर रहे थे, लेकिन अब उनकी उम्मीदें धराशायी हो गई हैं। यह उपचुनाव भाजपा के लिए अंत की शुरुआत होने जा रहा है।

मतदान 5 दिसंबर को होगा और वोटों की गिनती 8 दिसंबर को होगी।

First Published on: December 1, 2022 12:15 PM
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