कश्मीर में शीतलहर, दिल्ली में शीतलहर की संभावना और गलन भरी सर्दी से ठिठुरा उत्तर प्रदेश

आईएमडी मैदानी इलाकों में न्यूनतम तापमान के चार डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने पर शीत लहर और न्यूनतम तापमान के दो डिग्री सेल्सियस या उससे कम होने पर भीषण शीत लहर की घोषणा कर देता है।

नई दिल्ली। दिल्ली में अगले दो-तीन दिन में न्यूनतम तापमान के चार डिग्री सेल्सियस तक गिरने का अनुमान है तथा यहां फिर शीत लहर चल सकती है।

भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के क्षेत्रीय पूर्वानुमान केन्द्र के प्रमुख कुलदीप श्रीवास्तव ने बताया कि अधिकतम तापमान के लगभग 16 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है। इस दौरान घने से बेहद घना कोहरा भी छा सकता है।

उन्होंने कहा, ‘‘ बर्फ से ढके पश्चिमी हिमालय से आने वाली बफीर्ली हवाओं से तापमान के चार डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने और शहर में अगले दो-तीन दिन तक शीत लहर चलने का अनुमान है।’’

आईएमडी मैदानी इलाकों में न्यूनतम तापमान के चार डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने पर शीत लहर और न्यूनतम तापमान के दो डिग्री सेल्सियस या उससे कम होने पर भीषण शीत लहर की घोषणा कर देता है।

न्यूनतम तापमान सोमवार को 7.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। दिल्ली में रविवार को अधिकतम तापमान सामान्य से छह डिग्री कम 15 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था, जो कि इस महीने में अभी तक का सबसे कम अधिकतम तापमान था।

कश्मीर में शीत लहर का प्रकोप

कश्मीर घाटी में सप्ताहांत में बर्फबारी के बाद ज्यादातर इलाकों में शीत लहर का प्रकोप बढ़ गया है और न्यूनतम तापमान में कई डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।

अधिकारियों ने बताया कि श्रीनगर में न्यूनतम तापमान शून्य से 5.2 डिग्री सेल्सियस नीचे दर्ज किया। वहीं काजीगुंड में न्यूनतम तापमान शून्य से 5.5 डिग्री सेल्सियस नीचे दर्ज किया गया।

उत्तरी कश्मीर के बारामूला जिले में गुलमर्ग में न्यूनतम तापमान शून्य से 11.5 डिग्री सेल्सियस नीचे दर्ज किया गया।

वहीं पहलगाम में न्यूनतम तापमान शून्य से 11.9 डिग्री सेल्सियस नीचे दर्ज किया गया। कुपवाड़ा में न्यूनतम तापमान शून्य से 3.1 डिग्री सेल्सियस नीचे दर्ज किया गया। कोकरनाग में तापमान शून्य से 8.4 डिग्री सेल्सियस नीचे दर्ज किया गया।

कश्मीर अभी चिल्लई-कलां की चपेट में है। यह 40 दिन की अवधि है, जिसमें कड़ाके की सर्दी पड़ती है और घाटी शीत लहर की चपेट में होती है तथा तापमान शून्य से कई डिग्री सेल्सियस नीचे चला जाता है। ऐसी स्थिति में यहां के जलाशयों और पाइपलाइन में पानी जमने लगता है। वहीं इस अवधि में बर्फबारी की संभावना खास तौर पर ऊंचाई वाले क्षेत्रों में सर्वाधिक होती है। चिल्लई कलां 31 जनवरी को खत्म होगा

गलन भरी सर्दी से ठिठुरा उत्तर प्रदेश

उत्तर प्रदेश के ज्यादातर इलाके इस वक्त जबरदस्त गलन और ठिठुरन भरी सर्दी की चपेट में हैं और ठंड से हाल-फिलहाल राहत की कोई उम्मीद भी नहीं है।

आंचलिक मौसम केंद्र के निदेशक जे. पी. गुप्ता ने बताया कि पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी के बाद वहां से आ रही बर्फीली हवा से उत्तर भारत के मैदानी इलाकों की फिजा में गलन घुल रही है। उत्तर प्रदेश के ज्यादातर क्षेत्रों में भी इसका असर देखा जा रहा है। इन दिनों कई इलाकों में धूप नहीं निकलने से ठिठुरन और बढ़ गई है।

उन्होंने बताया कि अभी ऐसी ठंड से जल्द राहत मिलने की उम्मीद नहीं है।

मौसम केंद्र की रविवार की रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले 24 घंटों के दौरान प्रदेश के पूर्वी हिस्सों में अनेक स्थानों पर शीतलहर का प्रकोप रहा। हालांकि इस दौरान न्यूनतम तापमान में कोई खास गिरावट नहीं आई लेकिन गलन की वजह से ठिठुरन भरी सर्दी महसूस की गई।

पिछले 24 घंटों के दौरान चुर्क राज्य का सबसे ठंडा स्थान रहा, जहां न्यूनतम तापमान 4.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

अगले 24 घंटों के दौरान भी गलन भरी सर्दी पड़ने का अनुमान है। राज्य के पश्चिमी हिस्सों में कुछ स्थानों पर शीतलहर चल सकती है। वहीं, पूर्वी इलाकों में कुछ जगहों पर शीतलहर के और प्रचंड रूप लेने की संभावना है।

First Published on: January 25, 2021 11:33 AM
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