नई दिल्ली। भारत में कोरोना वायरस के नए स्वरूप ‘ओमीक्रोन’ से जुड़े अब तक 1,525 मामले सामने आए हैं। केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने रविवार सुबह अद्यतन आंकड़ों में यह जानकारी दी। संक्रमण के ये मामले 23 राज्यों तथा केन्द्रशासित प्रदेशों में सामने आए हैं और इनमें से 560 लोग या तो स्वस्थ हो गए हैं, या देश से चले गए हैं।
महाराष्ट्र में ओमीक्रोन संक्रमण के सबसे अधिक 460 मामले सामने आए हैं और इसके बाद दिल्ली में 351, गुजरात में 136, तमिलनाडु में 117 और केरल में 109 मामले सामने आए हैं।
भारत में कोरोना वायरस संक्रमण के 27,553 नए मामले सामने आने के बाद संक्रमण के मामले बढ़कर 3,48,89,132 हो गए हैं। इसके साथ ही 284 और मरीजों की मौत के बाद मृतक संख्या बढ़कर 4,81,770 हो गई है।
#COVID19 UPDATE:
🔷145.68 cr vaccine doses have been administered so far under Nationwide Vaccination Drive
🔷India’s Active caseload currently stands at 1,45,582
🔷Recovery Rate currently at 98.20%
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— PIB India (@PIB_India) January 3, 2022
मंत्रालय ने जानकारी दी कि संक्रमणमुक्त होने वालों की संख्या बढ़कर 3,42,84,561 हो गई है तथा देश में अभी तक कोविड रोधी टीके की 145.44 करोड़ से अधिक खुराक दी जा चुकी हैं।
देश में पिछले साल सात अगस्त को संक्रमितों की संख्या 20 लाख, 23 अगस्त को 30 लाख और पांच सितंबर को 40 लाख से अधिक हो गई थी। वहीं, संक्रमण के कुल मामले 16 सितंबर को 50 लाख, 28 सितंबर को 60 लाख, 11 अक्टूबर को 70 लाख, 29 अक्टूबर को 80 लाख और 20 नवंबर को 90 लाख के पार चले गए थे। देश में 19 दिसंबर को ये मामले एक करोड़ के पार, इस साल चार मई को दो करोड़ के पार और 23 जून को तीन करोड़ के पार चले गए थे।
मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, देश में पिछले 24 घंटे में संक्रमण से मौत के जो 284 मामले सामने आए हैं, उनमें से 241 मामले केरल और नौ मामले पश्चिम बंगाल से हैं।
आंकड़ों के अनुसार, देश में अभी तक कुल 4,81,770 लोगों की मौत संक्रमण से हुई है, जिनमें से महाराष्ट्र में 1,41,533, केरल में 48,035 , कर्नाटक में 38,340 , तमिलनाडु में 36,784 दिल्ली में 25,108 , उत्तर प्रदेश में 22,915 और पश्चिम बंगाल में 19,773 लोगों की मौत हुई है।
स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि अभी तक जिन लोगों की कोरोना वायरस संक्रमण से मौत हुई है, उनमें से 70 प्रतिशत से ज्यादा मरीजों को अन्य बीमारियां भी थीं। मंत्रालय ने अपनी वेबसाइट पर बताया कि उसके आंकड़ों का भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) के आंकड़ों के साथ मिलान किया जा रहा है।
