यूपी चुनाव से पहले ब्राह्मण वोटरों पर अखिलेश यादव की नजर, 17 जून को बुलाई अहम बैठक


उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले समाजवादी पार्टी तमाम सामाजिक समीकरणों को ठीक करने में जुट गई हैं। इसी रणनीति के तहत सपा ने बुधवार 17 जून को लखनऊ में पार्टी दफ्तर में ब्राह्मण समाज के नेताओं की बड़ी बैठक बुलाई हैं। जिसमें ब्राह्मण वोटरों को साधने के लिए रोडमैप पर मंथन किया जाएगा।

समाजवादी पार्टी ने द्वारा ब्राह्मण समाज को लेकर बुलाई गई ये बैठक आगामी चुनाव को देखते हुए बेहद अहम मानी जा रही हैं। इस बैठक में सपा के तमाम ब्राह्मण समाज से आने वाले विधायक, पूर्व विधायक, सांसद और पूर्व सांसद शामिल होंगे। इस बैठक में सपा बीजेपी से नाराज ब्राह्मण वोटरों को साधने के साथ संगठनात्मक मजबूती, समाज में भागीदारी और तमाम कार्यक्रमों को लेकर मंथन करेगी।

समाजवादी पार्टी ने ब्राह्मण समाज को बड़ा संदेश देने के लिए पार्टी कद्दावर नेता रहे जनेश्वर मिश्र की जयंती को भी भव्य तरीके से मनाने का फैसला लिया है। माना जा रहा है सपा इसके जरिए ब्राह्मण समाज को एक बड़ा संदेश देने की कोशिश करेगी ताकि वो ख़ुद को ब्राह्मणों के साथ दिखा सके। इन नेताओं के साथ चुनावी रणनीति को लेकर भी मंथन किया जाएगा।

जनेश्वर मिश्र समाजवादी पार्टी के क़द्दावर नेता रहे हैं और उन्हें समाजवादी विचारधारा का बड़ा चेहरा माना जाता रहा है। सपा ने लखनऊ में उनके नाम से जनेश्वर मिश्र पार्क भी बनवाया है। सपा इस बैठक में जनेश्वर मिश्र की जयंती को लेकर होने वाले कार्यक्रमों की रुपरेखा तैयार करेगी, जिससे सपा सामाजिक समावेश का संदेश देना चाहती है। सपा मुखिया अखिलेश यादव ये दावा भी कर चुके हैं कि उनके पीडीए में ‘ए’ में वो अगड़े भी आते हैं जो पीड़ित और प्रताड़ित हैं।

बता दें उत्तर प्रदेश में कुल 15 फीसद ब्राह्मण हैं। जो प्रदेश की करीब 115 सीटों पर अच्छा खासा प्रभाव रखते हैं। जबकि 12 जिलों में ब्राह्मण वोटरों की संख्या 15 फीसद से भी ज्यादा है। जबकि 100 सीटें ऐसी हैं जिन पर ब्राह्मण वोटरों की संख्या भले ही कम हो लेकिन वो जीत और हार में अहम भूमिका निभाते हैं।

साल 2022 के चुनाव में ब्राह्मणों ने बड़ी संख्या में बीजेपी को वोट दिया था लेकिन, बीते दिनों उनकी बीजेपी से नाराजगी की खबरें भी काफी सुर्खियों में रही हैं। खास तौर से शंकराचार्य विवाद के बाद तो पार्टी के अंदर भी खींचतान देखने को मिली थी। ऐसे में सपा ब्राह्मणों को साधने का कोई मौका नहीं छोड़ना चाहती हैं।