बहजुन समाज पार्टी की सुप्रीमो और पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने संसद के आगामी मानसून सत्र से पहले जरूरी और बड़ी अपील की है। उन्होंने X (पूर्व ट्विटर) पर पोस्ट कर कहा कि संसद को हंगामा और स्थगन से बचाकर देश की ज्वलंत समस्याओं पर गंभीर चर्चा करनी चाहिए।
मायावती ने लिखा कि 20 जुलाई से शुरू हो रहे मानसून सत्र क्या इस बार भी हंगामा व स्थगन आदि की भेंट चढ़ जायेगा, या फिर जबरदस्त महंगाई, गरीबी, बेरोजगारी, महिला असुरक्षा, महत्वपूर्ण परीक्षाओं के भी पेपरलीक आदि से जुड़े देश के ज्वलन्त मुद्दों से उत्पन्न उत्तेजित, आक्रोशित व आन्दोलित माहौल को शान्त करने व इनके संतोषजनक समाधान हेतु गंभीरता दिखाई जाएगी।
मायावती ने राम मंदिर में चढ़ावा चोरी के मामले को लेकर भी विपक्ष पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर जन आक्रोश है और लोग राजनीतिक स्वार्थ के लिए धर्म का इस्तेमाल करने वालों से जवाब मांग रहे हैं। यह मुद्दा संसद में जरूर गर्म होगा।
उन्होंने बंगाल, राजस्थान समेत विभिन्न राज्यों में बढ़ती महिला असुरक्षा, पेपर लीक, चुनावी रेवड़ियों में गड़बड़ी, भ्रष्टाचार और कालोनियों के ध्वस्तीकरण जैसे मुद्दों पर चिंता जताई। साथ ही अमेरिका-इजराइल-ईरान युद्ध और गिरते रुपए के मूल्य का जिक्र करते हुए कहा कि इनसे देश की अर्थव्यवस्था और जनजीवन प्रभावित हो रहा है।
मायावती ने सत्ता और विपक्ष दोनों से अपील की कि राजनीतिक द्वेष छोड़कर एकजुट होकर समस्याओं का समाधान निकालें। उन्होंने कहा कि संसद को शांतिपूर्ण, सुचारू और लोकतांत्रिक परंपरा के अनुसार चलना चाहिए।
मायावती लंबे समय से संसद की कार्यवाही पर सवाल उठाती रही हैं। उनका यह बयान ऐसे समय आया है जब राम मंदिर चढ़ावा चोरी का मामला सुर्खियों में है और विपक्ष इसे संसद में उठाने की तैयारी कर रहा है।
