नई दिल्ली। नये कृषि कानून पर किसानों और केंद्र सरकार के बीच रार थमती नहीं दिख रही है। इस कानून का विरोध करने के लिए किसान संगठनों ने सरकार के खिलाफ नये सिरे मोर्चाबंदी शुरू कर दी है। किसान संगठन इस कानून को जहां अपने अस्तित्व का संकट मान रहे हैं वहीं ” जो चाहा वह किया” पर विश्वास रखने वाली मोदी सरकार इसको अपने नाक का सवाल बना चुकी है और प्रधानमंत्री मोदी से बिहार चुनावी रैली के दौरान इस कानून से किसी भी हालत में पीछे नहीं हटने का संकेत दे चुके हैं।
खबरों के अनुसार मोदी सरकार द्वारा बनाई गई नई कृषि कानूनों के के खिलाफ आगे की रणनीति बनाने के लिए राजधानी दिल्ली में देश के कई राज्यों के किसान संगठनों की बैठक की है। इस दौरान किसान संगठनो ने 5 नवंबर को एक दिन के लिए भारत बन्द (हाइवे जाम) और 26 – 27 नवम्बर को दिल्ली में प्रर्दशन करने का निर्णय लिया है।
रावण की जगह पीएम-अंबामी-अडानी का जलाया था पुतला
नये कृषि कानून से किसानों में किस कदर नाराजगी है कि विजय दशमी के दिन जहां देश बुराई पर अच्छाई की जीत के तौर पर रावण के पुतले का दहन कर रहा था वहीं कृषि कानूनों के विरोध में पंजाब के कई शहरों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, पीएम मोदी करीबी माने जाने वाले उद्योगपति गौतम अडानी और उद्योगपति मुकेश अंबानी के पुतले का दहन किया।
नए कृषि कानूनों के खिलाफ आगे की रणनीति बनाने के लिए दिल्ली में देश के कई राज्यों के किसान संगठनों की बैठक।
5 नवंबर को एक दिन के लिए भारत बन्द (हाइवे जाम) और 26 – 27 नवम्बर को दिल्ली में प्रर्दशन। #FarmLaws #FarmersProtest pic.twitter.com/UuVHpZg2a2— GaonConnection (@GaonConnection) October 27, 2020
किसान अपने ही जमीन में बनेंगे मजदूर
इस कानून का कांग्रेस के अलावा देश के दूसरे कई राजनीतिक और किसान संगठन कर रहे हैं। उनका कहना है कि यह कानून किसान, उपभोक्ता विरोधी है और पूंजीपतियों के लिये हैं और अनुबंध कृषि के माध्यम से सरकार किसानों की सारी जमीन हड़प लेना चाहती है जिससे किसान अपने ही खेत में मजदूर बनकर रह जाएगा।
पंजाब से लेकर राजस्थान, छत्तीसगढ़ सहित दूसरे कई राज्य के मुख्यमंत्री कह रहे हैं कि ‘‘ये कानून किसानों के लिए नहीं बल्कि पूँजीपतियों के लिए है। यह आम उपभोक्ताओं के खिलाफ है, किसान विरोधी है। ये किसान विरोधी ही नहीं आम उपभोक्ता विरोधी भी है ।’’
देश अपने फैसले से पीछे नहीं हटेगा
किसानों के लाख विरोध के बाद भी प्रधानमंत्री मोदी इस कानून पर किसी भी तरह से पीछे हटने को तैयार नहीं हैं। उन्होंने बिहार में अपनी पहली चुनावी रैली को संबोधित करते हुए साफ शब्दों में कह दिया था कि संविधान के अनुच्छेद 370 और कृषि संबंधी तीन नये कानून पर देश अपने फैसलों से पीछे नहीं हटेगा ।
रोहतास में चुनावी रैली को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने साफ शब्दों में कहा, ‘‘देश, जहां संकट का समाधान करते हुए आगे बढ़ रहा है, ये लोग देश के हर संकल्प के सामने रोड़ा बनकर खड़े हैं।’’ उन्होंने कहा कि देश ने किसानों को बिचौलियों और दलालों से मुक्ति दिलाने का फैसला लिया तो ये बिचौलियों और दलालों के पक्ष में खुलकर मैदान में हैं।
