सरकार की टीका संबंधी रणनीति उसकी घोर विफलता: प्रियंका गांधी वाद्रा

प्रियंका ने कहा कि संकट के समय विपक्ष की ओर से दिए जा रहे रचनात्मक सुझावों को स्वीकार करने की बजाय खारिज किया जा रहा है।

 नई दिल्ली। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाद्रा ने कोरोना वायरस संकट से निपटने के लिए तैयारियों में कथित तौर पर कमी होने को लेकर बुधवार को सरकार पर निशाना साधा और टीका संबंधी रणनीति को ‘घोर विफलता’ करार देते हुए कहा कि भाजपा की अगुवाई वाली केंद्र सरकार दूसरों पर जिम्मेदारी नहीं डाल सकती क्योंकि मौजूदा समय में पंडित जवाहर लाल नेहरू नहीं, बल्कि नरेंद्र मोदी देश के प्रधानमंत्री हैं और भारतीय नागरिकों की रक्षा के लिए उन्हें आगे आना चाहिए।

प्रियंका ने ‘पीटीआई-भाषा’ को दिए विशेष साक्षात्कार में यह भी कहा कि संकट के समय विपक्ष की ओर से दिए जा रहे रचनात्मक सुझावों को स्वीकार करने की बजाय खारिज किया जा रहा है।

उन्होंने इस बात पर जोर दिया, ‘‘राजनीति से इतर हमें साथ खड़े होना चाहिए और लोगों की जिंदगी बचाने के लिए हम जो कर सकते हैं वह करना चाहिए।’’

कांग्रेस महासचिव ने कहा, ‘‘वे (सरकार) ओछेपन में समय बर्बाद कर रहे हैं। देश की नि:स्वार्थ भाव और स्वाभिमान के साथ सेवा करने वाले एक पूर्व प्रधानमंत्री (मनमोहन सिंह) की ओर से मौजूदा प्रधानमंत्री को लिखे गए पत्र का एक मंत्री से जवाब दिलवाया जा रहा है, ऑक्सीजन की मांग बढ़ने के लिए केंद्रीय मंत्री राज्यों को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं तथा केंद्र सरकार की विज्ञप्तियों में विपक्षी दलों की राज्य सरकारों को निशाना बनाया जा रहा है।’’

प्रियंका ने यह टिप्पणी पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन द्वारा लिखे गए पत्र के संदर्भ में की है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को मनमोहन सिंह की ओर से भेजे गए पत्र के जवाब में हर्षवर्धन ने पत्र लिखा था और आरोप लगाया था कि कोरोना महामारी की दूसरी लहर कांग्रेस शासित राज्यों की वजह से आई है क्योंकि वे लोगों को टीका लगवाने की बजाय टीकों पर संदेह जता रहे थे।

सरकार की टीका रणनीति के संदर्भ में प्रियंका ने आरोप लगाया कि यह सरकार की ‘घोर विफलता’ है।

सभी के लिए टीकाकरण से जुड़ी कांग्रेस की मांग को लेकर प्रियंका ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि ‘प्रचार के लिए’ टीकों का निर्यात किया गया।

उन्होंने ऑक्सीजन और रेमडेसिविर इंजेक्शन के निर्यात का उल्लेख करते हुए कहा, ‘‘पांच दिन पहले निर्यात रोका गया। क्यों? क्या वे दूसरों पर जिम्मेदारी डाल सकते हैं? जवाहरलाल नेहरू प्रभारी नहीं हैं। नरेंद्र मोदी प्रभारी हैं। उन्हें आगे आना चाहिए। वह प्रधानमंत्री हैं। भारतीय नागरिकों की रक्षा करने, उनमें सुरक्षा का भाव पैदा करने और इस लड़ाई को आगे आकर लड़ने की जिम्मेदारी उनकी है।’’

प्रियंका ने इस बात पर जोर दिया कि संकट के समय कांग्रेस लोगों के प्रति अपनी प्रतिबद्धताओं को लेकर अडिग है तथा रचनात्मक और सहयोगात्मक बनी हुई है।

First Published on: April 21, 2021 2:04 PM
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