खाड़ी क्षेत्र में युद्ध के दौरान अब तक कितने भारतीयों की गई जान?

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पश्चिम एशिया में अमेरिका और ईरान के बीच जारी युद्ध और संघर्ष की वजह से ग्लोबल वॉटर ट्रांसपोर्टेशन के लिए महत्वपूर्ण स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में लगातार तनाव की स्थिति बनी हुई है। इस दौरान अमेरिका और ईरान की तरफ किए जा रहे हमलों में स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से होकर गुजर रहे कमर्शियल जहाजों निशाना बनाया जा रहा है, जिससे उन जहाजों पर तैनात कई बेगुनाह नाविकों की जान रही है। इन बेगुनाह नाविकों में कई भारतीय मूल के नागरिक भी शामिल हैं। जिनकी मौत के बाद भारत ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में कमर्शियल जहाजों को निशाना बनाने की कड़ी निंदा की है।

भारत ने मंगलवार (14 जुलाई, 2026) को होर्मुज स्ट्रेट में दो कमर्शियल जहाजों पर किए गए मिसाइल हमले के कारण एक भारतीय नाविक की मौत पर नाराजगी जताई है। इस बीच, न्यूज एजेंसी एएनआई की रिपोर्ट के मुताबिक, सरकारी सूत्रों ने बताया है कि अमेरिका और ईरान के बीच 28 फरवरी, 2026 से शुरू हुए युद्ध के दौरान अब तक खाड़ी के इलाके में कुल 13 भारतीयों की मौत हो चुकी है, जबकि तीन अन्य अभी भी लापता हैं।

विदेश मंत्रालय ने संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के झंडे वाले दो जहाजों एमटी अल बहिया और एमटी मोम्बासा पर हुए मिसाइल हमलों की कड़ी निंदा है और इस हमले को नाविकों को निशाना बनाने और होर्मुज स्ट्रेट जैसे इंटरनेशनल वॉटरवेज पर स्वतंत्र नौवहन में मुश्किल पैदा करने वाली घटना करार दिया है।

भारत के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में अमेरिका और ईरान के बीच बढ़े तनाव पर भी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा, ‘हम पश्चिम एशिया की स्थिति पर लगातार और करीब से अपनी नजर बनाए हुए हैं। हम स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज के जरिए सुरक्षित और स्वतंत्र नौवहन के साथ व्यापारिक गतिविधियों के संचालन की जरूरत पर लगातार जोर दे रहे हैं। यह दुनिया भर के लोगों की ऊर्जा और आर्थिक सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।’