लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे खुलने का इंतजार आखिरकार खत्म हो चुका है। 14 जुलाई यानी आज से एक्सप्रेसवे की शुरुआत हो गई है। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने इसका शुभारंभ किया। 63 किलोमीटर लंबे इस एक्सप्रेसवे के खुलने से दोनों शहरों के बीच का सफर आसान और सुविधाजनक हो जाएगा। एक्सप्रेसवे के उद्घाटन के दौरान गडकरी ने ऐसा बयान दिया, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
एक्सप्रेसवे के उद्घाटन के दौरान केंद्रीय मंत्री गडकरी ने कहा, ‘मैं नई-नई टेक्नोलॉजी, रोप-वे, केबल कार लेकर आया हूं। अभी हवा में उड़ने वाली बस भी लाने वाला हूं। पानी में उतरने वाला हवाई जहाज भी मैं लाया था, जो समुद्र में उतरा था।’ उन्होंने आगे कहा, ‘हवा में उड़ने वाली बस को लेकर मैं मास रैपिड ट्रांसपोर्ट सिस्टम ऑन इलेक्ट्रिसिटी तैयार करके दूंगा, जो मेरे अंडर आता है, इससे एक कोने से दूसरे कोने कब पहुंचे,यह पता नहीं चलेगा, इसकी शुरुआत मैं करने जा रहा हूं।’
लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे के शुरू होने के साथ ही दोनों शहरों के बीच वर्षों से चली आ रही ट्रैफिक जाम की समस्या से निजात मिली है। पहले जहां यह सफर ढाई से तीन घंटे में पूरा होता था, वहीं अब महज 35 से 45 मिनट में पूरा किया जा सकेगा। इस 63 किलोमीटर लंबे एक्सप्रेसवे की परियोजना की नींव वर्ष 2018 में रखी गई थी। लगभग 4500 करोड़ रुपये की लागत से यह एक्सप्रेस-वे तैयार हुआ है।
एनएचएआई ने परियोजना को दो पैकेजों में बांटा था। पहला पैकेज लखनऊ के अमौसी और शहीद पथ क्षेत्र से जुड़ा लगभग 18 किलोमीटर लंबा एलिवेटेड सेक्शन था, जबकि दूसरा पैकेज लगभग 45 किलोमीटर लंबा ग्रीनफील्ड सेक्शन था। यह मार्ग लखनऊ के 11 और उन्नाव के 31 गांवों से होकर गुजरता है। भूमि अधिग्रहण पूरा होने के बाद साल 2022 में इस हिस्से का निर्माण तेज गति से आगे बढ़ गया था। अक्टूबर 2025 तक इसका 45 किमी वाला ग्रीनफील्ड हिस्सा पूरी तरह तैयार हो चुका था। 2026 के शुरुआती महीनों में लखनऊ पैकेज के अंतिम गर्डर्स और रैंप बनाने का काम 99 प्रतिशत तक पूरा कर लिया गया था। जून 2026 में इसका ट्रायल रन हुआ।
