G-20 में लेबर-20  श्रमिकों के हितों का प्रतिनिधित्व करता है

इस सम्मेलन में सामाजिक सुरक्षा के वित्तपोषण, श्रमिकों के अंतरराष्ट्रीय प्रवासन, सामाजिक सुरक्षा कोष को लेकर लचीलापन और क्षितिज विस्तार करने जैसे तीन मुद्दों पर चर्चा की गई। इसका उद्देश्य सभी अनियमित श्रमिकों को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करना है।

नागपुर। नागपुर में भारतीय मजदूर संघ (बीएमएस) ने गुरुवार को होटल तुली इंटरनेशनल में G20 पहल के तहत लेबर-20 बैठक (L-20) की मेजबानी की। L-20 सम्मेलन का उद्घाटन भारत सरकार की श्रम एवं रोजगार सचिव आरती आहूजा ने की। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रूप में महाराष्ट्र सरकार के श्रम मंत्री सुरेश खाड़े विशेष रूप से मौजूद थे। इस सम्मेलन में सामाजिक सुरक्षा के वित्तपोषण, श्रमिकों के अंतरराष्ट्रीय प्रवासन, सामाजिक सुरक्षा कोष को लेकर लचीलापन और क्षितिज विस्तार करने जैसे तीन मुद्दों पर चर्चा की गई। इसका उद्देश्य सभी अनियमित श्रमिकों को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करना है।

इस मौके पर एलआईसी ऑफ इंडिया के पूर्व कार्यकारी निदेशक और बीएमएस के आयोजन सचिव बी. सुरेंद्रन ने कहा कि कोई कितना भी कमाए, एक हजार रुपये महीना या एक लाख रुपये महीना। हम सभी मजदूर हैं और अगर हम जागरूक नहीं हैं तो समान रूप से उत्पीड़न के अधीन हो सकते हैं। उन्होंने कहा, हम लघु और मध्यम उद्योगों के बिना काम के भविष्य की कल्पना कैसे कर सकते हैं?

लेबर-20 G-20 में श्रमिकों के हितों का प्रतिनिधित्व करता है। यह G-20 देशों के ट्रेड यूनियनों और वैश्विक संघ को एकजुट करता है। 19 और 20 मार्च को अमृतसर में आयोजित हुई इन्सेप्शन मीटिंग के साथ ही देश भर में कार्यक्रमों की एक श्रृंखला होने जा रही है। इस कार्यक्रम के तहत पूरे देश मेंकरीब 1,000 सम्मेलन आयोजित किए जा रहे हैं जिनमें से 700 संघों द्वारा आयोजित किया जाएगा जबकि 300 विभिन्न संघों द्वारा आयोजित किया जाना है।

सम्मेलन के दौरानबीएमएस के महासचिव रवींद्र हिमते और बाथ विश्वविद्यालय, लंदन के अतिथि प्रोफेसर संतोष मेहरोत्रा सम्मानित अतिथि के रूप में विशेष रूप से मौ्जूद थे। इसके अलावा इस मौके पर एटक, सीटू, रेलवे, एलआईसी आदि जैसे प्रमुख ट्रेड यूनियनों सहित नियोक्ताओं, कर्मचारियों और सरकारी संगठनों के 100 से अधिक प्रतिनिधि उपस्थित थे।

First Published on: May 12, 2023 9:57 AM
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