गुजरात में पीएम मोदी का रोडशो, 14 हजार करोड़ रुपये की परियोजनाओं की देंगे सौगात

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बनासकांठा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को गुजरात के बनासकांठा में रोडशो किया। अपने दो दिवसीय गुजरात दौरे के दौरान वह जिले में 14 हजार करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे। इन परियोजनाओं में पशुपालन, कृषि, सड़क, मेट्रो, रेल और महिला एवं बाल विकास से जुड़ी योजनाएं शामिल हैं।

कांकरेज नस्ल के लिए बनेगा विशेष अनुसंधान केंद्र

प्रधानमंत्री भिलड़ी में भारत बोवाइन ब्रीडिंग एंड रिसर्च सेंटर (बीबीबीआरसी) राष्ट्र को समर्पित करेंगे। 127 एकड़ में फैली इस अत्याधुनिक सुविधा को उत्कृष्टता केंद्र के रूप में विकसित किया गया है। इसका उद्देश्य पशु नस्ल सुधार, आनुवंशिक उन्नयन और आधुनिक प्रजनन तकनीकों को बढ़ावा देना है। यह कांकरेज नस्ल के मवेशियों के लिए देश की पहली विशेष सुविधा होगी। इससे नस्ल सुधार की प्रक्रिया 10 से 20 गुना तक तेज होने की उम्मीद है।

मोदी थराद और राधनपुर में बनास डेयरी के दो बायो-सीएनजी संयंत्रों की आधारशिला भी रखेंगे। इन संयंत्रों में प्रतिदिन क्रमशः 75 और 100 मीट्रिक टन गोबर का प्रसंस्करण किया जा सकेगा।

अहमदाबाद मेट्रो और सड़क परियोजनाओं का शिलान्यास

बुनियादी ढांचे के तहत प्रधानमंत्री अहमदाबाद मेट्रो के फेज-2ए और फेज-2बी का शिलान्यास करेंगे। फेज-2ए में कोटेश्वर रोड से हवाई अड्डे तक पांच स्टेशन होंगे, जबकि फेज-2बी में गिफ्ट सिटी से शाहपुर तक तीन स्टेशन बनाए जाएंगे।

इसके अलावा अहमदाबाद-मेहसाणा सड़क (राज्य राजमार्ग-41) को चार लेन से आठ लेन करने की परियोजना की आधारशिला रखी जाएगी। करीब 2,600 करोड़ रुपये की लागत वाली इस परियोजना से अहमदाबाद और उत्तर गुजरात के बीच संपर्क बेहतर होने की उम्मीद है।

प्रधानमंत्री गुजरात में 4,030 नए बाल-अनुकूल आंगनवाड़ी केंद्रों की आधारशिला रखेंगे और तैयार हो चुके 361 केंद्रों का उद्घाटन करेंगे। करीब 800 करोड़ रुपये की इस पहल से चार लाख से अधिक लोगों को लाभ मिलने की उम्मीद है।

कृषि और किसानों से जुड़ी परियोजनाएं

मोदी कृषि अवसंरचना कोष के तहत पूरी हुई 521 परियोजनाएं राष्ट्र को समर्पित करेंगे। इन पर करीब 4,950 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। इनमें कोल्ड स्टोरेज, वेयरहाउस, साइलो, पॉलीहाउस, ग्रीनहाउस और प्रसंस्करण केंद्र शामिल हैं।

वह सानंदर में विस्तारित आलू प्रसंस्करण संयंत्र का उद्घाटन करेंगे। इसके साथ ही पालनपुर में अल्ट्रा हाई टेम्परेचर उत्पादों के लिए स्वचालित भंडारण एवं पुनर्प्राप्ति प्रणाली भी शुरू की जाएगी।

इस दौरान अहमदाबाद (साबरमती)-वाराणसी एक्सप्रेस और मेहसाणा-बहुचराजी-साबरमती मेमू ट्रेन सेवाओं को हरी झंडी दिखाई जाएगी।

प्रधानमंत्री पीएम-किसान योजना की 24वीं किस्त भी जारी करेंगे। इसके तहत देशभर के किसानों को 19,000 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता दी जाएगी। इसके अलावा करीब 1.46 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में फैले 12 स्वीकृत बागवानी क्लस्टरों में जमीनी स्तर पर काम शुरू होगा। इनसे 1.3 लाख से अधिक किसानों को लाभ मिलने की उम्मीद है। उत्तर गुजरात के दो क्लस्टर आलू उत्पादन पर केंद्रित होंगे।

एकता नगर में राष्ट्रीय एकता दिवस समारोह

दौरे के दूसरे दिन, 31 अक्टूबर को प्रधानमंत्री केवड़िया स्थित एकता नगर पहुंचेंगे। यहां वह स्टैच्यू ऑफ यूनिटी पर पुष्पांजलि अर्पित करेंगे और सरदार वल्लभभाई पटेल की 151वीं जयंती के अवसर पर राष्ट्रीय एकता दिवस समारोह में हिस्सा लेंगे।

वह भारत पर्व 2026 का उद्घाटन भी करेंगे। यह आयोजन 15 नवंबर तक चलेगा। इसमें राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को अपनी सांस्कृतिक परंपराओं, लोक कलाओं, क्षेत्रीय व्यंजनों, हस्तशिल्प और पर्यटन स्थलों को प्रदर्शित करने का अवसर मिलेगा।

प्रधानमंत्री एकता प्रकाश पर्व के तहत आयोजित रोशनी से जुड़े प्रदर्शनों का भी अवलोकन करेंगे। इनमें ‘प्राचीन भारत से आधुनिक भारत’ विषय पर आधारित 530 मीटर लंबी वैली ऑफ फ्लावर्स रोड और 180 मीटर लंबी ग्लो टनल शामिल हैं। इन प्रदर्शनों में डेढ़ करोड़ से अधिक एलईडी लाइटों का इस्तेमाल किया गया है।

एकता नगर में 400 करोड़ रुपये से अधिक के विकास कार्य

प्रधानमंत्री एकता नगर में 400 करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और लोकार्पण करेंगे। इनमें सीवेज और जल शोधन संयंत्र, भवनों की सजावटी रोशनी, नर्मदा घाट का उन्नयन, आईआरसीटीसी होटल और पर्यटन सुविधाएं शामिल हैं।

इसके अलावा गोरा-भद्रा सड़क विकास, शून्य-कचरा स्मार्ट ठोस अपशिष्ट प्रबंधन परियोजना, खलवानी इको-टूरिज्म विकास और कैक्टस एवं बटरफ्लाई गार्डन के एकीकृत विकास की आधारशिला रखी जाएगी।

दो दिवसीय दौरे का समापन राष्ट्रीय एकता दिवस समारोह के साथ होगा। इस अवसर पर आयोजित एकता परेड में केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों, राज्य पुलिस बलों और केंद्रीय पुलिस संगठनों के जवान हिस्सा लेंगे। इस वर्ष परेड में वामपंथी उग्रवाद के खिलाफ सुरक्षा बलों की उपलब्धियों और प्रभावित क्षेत्रों में शांति, सुरक्षा एवं विकास की दिशा में हुए बदलावों को विशेष रूप से प्रदर्शित किया जाएगा।



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