एंटी-पेपर लीक बिल पास होते ही आया PM मोदी का वीडियो

लोकसभा के बाद अब राज्यसभा ने भी एंटी-पेपर लीक संशोधन विधेयक, 2026 को मंजूरी दे दी है। राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद यह विधेयक कानून बन जाएगा। इस कानून में पेपर लीक जैसे अपराधों के लिए 10 साल तक की सजा और 50 लाख रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान किया गया है।

विधेयक पारित होने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसे परीक्षा व्यवस्था में सुधार की दिशा में बड़ा कदम बताया, लेकिन इस पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए सोशल मीडिया पर प्रधानमंत्री पर तंज कसा। वहीं, विपक्ष और CJP ने कानून की प्रभावशीलता को लेकर भी सवाल उठाए हैं।

लोकसभा के बाद गुरुवार को राज्यसभा ने भी एंटी-पेपर लीक संशोधन विधेयक, 2026 को मंजूरी दे दी। अब इस विधेयक को राष्ट्रपति की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। राष्ट्रपति की स्वीकृति मिलने के बाद यह कानून लागू हो जाएगा। नए कानून के तहत प्रश्नपत्र लीक करने जैसे अपराधों में दोषी पाए जाने पर 10 साल तक की सजा और 50 लाख रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान किया गया है।

विधेयक पारित होने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक वीडियो संदेश जारी किया। उन्होंने कहा कि यह कानून देश में भरोसेमंद और पारदर्शी परीक्षा प्रणाली बनाने की दिशा में बड़ा कदम है। प्रधानमंत्री ने कहा कि पेपर माफिया को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा और सरकार तकनीक तथा सख्त कानूनों के जरिए परीक्षा व्यवस्था को और मजबूत करेगी।

प्रधानमंत्री के वीडियो पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने इंस्टाग्राम पर प्रतिक्रिया देते हुए उनकी आलोचना की। दीपके ने टिप्पणी में लिखा, “आपकी त्वचा देश के भविष्य से ज्यादा चमकदार है।”

राज्यसभा में इस विधेयक पर करीब सात घंटे तक चर्चा हुई। इस दौरान वामदलों और डीएमके की ओर से लाए गए संशोधन प्रस्तावों को सदन ने खारिज कर दिया। चर्चा का जवाब देते हुए केंद्रीय कार्मिक मामलों के मंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा कि यह विधेयक सरकार की उस प्रतिबद्धता को दर्शाता है, जिसके तहत पेपर लीक जैसी घटनाओं पर सख्ती से रोक लगाई जाएगी।

विपक्ष द्वारा राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) पर उठाए गए सवालों का जवाब देते हुए जितेंद्र सिंह ने कहा कि देश में अधिकांश पेपर लीक की घटनाएं राज्य स्तरीय भर्ती और परीक्षा एजेंसियों से जुड़ी रही हैं और ज्यादातर मामलों में एनटीए की भूमिका नहीं रही है। उन्होंने कहा कि सरकार छात्रों के भविष्य को लेकर पूरी तरह संवेदनशील है और परीक्षा प्रणाली को मजबूत करने के लिए लगातार सुधार किए जा रहे हैं।

संसद के दोनों सदनों से पारित यह संशोधन विधेयक वर्ष 2024 के मूल कानून को और मजबूत बनाता है। इसमें परीक्षा में धांधली और पेपर लीक के मामलों में जेल की अवधि और जुर्माने की राशि बढ़ाई गई है। साथ ही मामलों की समयबद्ध जांच अनिवार्य की गई है। इसके अलावा राज्यों को पेपर लीक से जुड़े मामलों की सुनवाई के लिए विशेष फास्ट-ट्रैक कोर्ट स्थापित करने का निर्देश दिया गया है।

यह विधेयक इस वर्ष पेपर लीक के आरोपों और उसके बाद हुए व्यापक छात्र आंदोलनों की पृष्ठभूमि में लाया गया है। इन आंदोलनों के बाद तत्कालीन शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने पद छोड़ दिया था, जिसके बाद प्रह्लाद जोशी ने शिक्षा मंत्रालय का कार्यभार संभाला।

First Published on: July 31, 2026 9:29 AM
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