रेस कोर्स मस्जिद के ध्वस्तीकरण के आदेश पर ओवैसी की चिंता, किरेन रिजिजू से तत्काल हस्तक्षेप की मांग

नई दिल्ली, 21 अक्टूबर (ANI): ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) प्रमुख और हैदराबाद के सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने नई दिल्ली की रेस कोर्स मस्जिद के ध्वस्तीकरण से जुड़े मामले में केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्री किरेन रिजिजू से तत्काल हस्तक्षेप करने की मांग की है। ओवैसी ने आरोप लगाया कि मस्जिद को लेकर जारी ध्वस्तीकरण आदेश के खिलाफ संबंधित अधिकारियों ने समय रहते कानूनी कदम नहीं उठाए।

‘1977 से वक्फ संपत्ति के रूप में दर्ज है मस्जिद’

सोशल मीडिया मंच X पर एक पोस्ट में ओवैसी ने कहा कि रेस कोर्स मस्जिद को 1977 से राजपत्रित वक्फ संपत्ति का दर्जा प्राप्त है। इसके बावजूद, उनके अनुसार, वक्फ बोर्ड ने ध्वस्तीकरण आदेश को अदालत में चुनौती नहीं दी और न ही मामले को सुलझाने के लिए कोई प्रभावी प्रयास किया।

ओवैसी ने वक्फ संपत्तियों से जुड़े कानूनी प्रावधानों का हवाला देते हुए कहा कि पहले राजपत्र में दर्ज की गई संपत्तियों को कानूनी संरक्षण प्राप्त है। उन्होंने यह भी दावा किया कि ‘वक्फ बाय यूजर’ के सिद्धांत के तहत मस्जिद को संरक्षण मिलना चाहिए।

दिल्ली वक्फ बोर्ड के गठन में देरी पर सवाल

ओवैसी ने कहा कि दिल्ली वक्फ बोर्ड का 2023 से गठन नहीं हुआ है, इसलिए मामले को सुलझाने की जिम्मेदारी केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय पर भी आती है। उन्होंने मंत्री किरेन रिजिजू से सीधे हस्तक्षेप कर मस्जिद के खिलाफ किसी भी प्रतिकूल कार्रवाई को रोकने और उसके संरक्षण को सुनिश्चित करने की अपील की।

उन्होंने बोर्ड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) की भूमिका पर भी सवाल उठाए और कहा कि अधिकारी स्तर पर भी मामले में हस्तक्षेप किया जा सकता था।

अमानतुल्लाह खान ने भी जताई चिंता

यह मामला आम आदमी पार्टी (AAP) के विधायक और दिल्ली वक्फ बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष अमानतुल्लाह खान के बयान के बाद भी चर्चा में आया। खान ने दावा किया कि मस्जिद के इमाम मौलाना हारून ने उन्हें बताया है कि केंद्र सरकार का भूमि एवं विकास कार्यालय (L&DO) अगले सप्ताह मस्जिद को ध्वस्त करने की कार्रवाई कर सकता है।

खान ने X पर पोस्ट कर कहा कि रेस कोर्स मस्जिद आजादी से पहले की है और नई दिल्ली नगरपालिका परिषद (NDMC) की विरासत सूची में भी शामिल है। उन्होंने कहा कि वह स्वयं मौके पर जाकर स्थिति का जायजा लेंगे।

ध्वस्तीकरण को लेकर उठे सवाल

रेस कोर्स मस्जिद के मामले में ओवैसी ने वक्फ संपत्ति के कानूनी दर्जे, संबंधित अधिकारियों की भूमिका और केंद्र सरकार की जिम्मेदारी पर सवाल उठाए हैं। वहीं, अमानतुल्लाह खान ने मस्जिद को संभावित ध्वस्तीकरण से बचाने की मांग की है।

हालांकि, मस्जिद को लेकर प्रस्तावित कार्रवाई और संबंधित कानूनी स्थिति पर अंतिम निष्कर्ष के लिए संबंधित सरकारी विभागों तथा वक्फ बोर्ड का पक्ष भी महत्वपूर्ण होगा।

First Published on: October 21, 2026 9:56 AM
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