पेपर लीक मामले पर राहुल गांधी की प्रेस कॉन्फ्रेंस, सरकार के सामने रखीं तीन मांगे

छात्रों पर लाठीचार्ज और पेपर लीक को लेकर राहुल गांधी ने 22 जुलाई 2026 को नई दिल्ली के इंदिरा भवन में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इस दौरान पुलिस की कार्रवाई को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने देश में एजुकेशन सिस्टम को लेकर गंभीर आरोप लगाए। साथ ही कई मांगे रखी हैं। ऐसे में हम उनकी प्रेस कॉन्फ्रेंस से जुड़ी 10 जरूरी बातें बता रहे है।

नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने पेपर लीक का मामला उठाया। उन्होंने कहा कि स्टूडेंट शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन कर रहे थे। पुलिस ने छात्रों पर अत्याचार किया। पिछले 10 सालों में 152 पेपर लीक हुए। 7.7 करोड़ स्टूडेंट प्रभावित हुए, उनके परिवार प्रभावित हुए। किसी को सजा नहीं हुई। इस दौरान प्रदर्शन के समय पुलिसिया कार्रवाई से जुड़े वीडियो भी साझा किए गए।

राहुल गांधी ने कहा कि स्टूडेंट एजुकेशन सिस्टम सुधारने की मांग कर रहे हैं। देश का स्टूडेंट टेंशन में है। नीट परीक्षा पर खर्च शिक्षा के बजट के बराबर है। 1.32 लाख करोड़ रुपये नीट के स्टूडेंट इस परीक्षा पर खर्च करते हैं। देश का बजट ही 1.4 लाख करोड़ है।

राहुल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान शिक्षामंत्री के इस्तीफे की मांग की है। उन्होंने बतौर शिक्षामंत्री उन्हें भ्रष्ट और अक्षम बताया है। साथ ही कहा है कि उन्हें तुरंत हटा देना चाहिए। राहुल ने कहा, ‘शिक्षामंत्री पूरी तरह से फेल हैं। उनका इस्तीफा होना चाहिए। यह मांग जायज है। पब्लिक सेक्टर को प्राइवेट कर दिया है। देश के बच्चों का भविष्य बर्बाद हो गया है।’

राहुल गांधी ने देश के एजुकेशन सिस्टम पर कड़ा प्रहार भी किया। साथ ही कहा कि कभी भारत का एजुकेशन सिस्टम दुनिया के बेस्ट सिस्टम रहा। लेकिन मौजूदा सरकार के तहत सुनियोजित तरीके से इसे हथिया लिया गया। उसमें धांधली की गई है।

राहुल गांधी ने अपने प्रेस कॉन्फ्रेंस में पुलिस की कार्रवाई की निंदा की है। उन्होंने शांतिपूर्ण ढंग से विरोध कर रहे स्टूडेंट्स पर हथियार तानने और उनकी शारीरिक पिटाई करने वाले सुरक्षाबलों और पुलिस की कड़ी आलोचना की है। साथ ही जिम्मेदार पुलिस अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की है।

राहुल गांधी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान सरकार पर हमला किया। उन्होंने कहा कि यह सरकार युवा विरोधी सरकार है। गांधी ने मौजूदा सरकार को भारत के इतिहास की सबसे युवा विरोधी सरकार करार देते हुए कहा कि युवाओं के साथ जबरदस्ती की जा रही है। इसके लिए जिम्मेदार लोगों को किसी तरह की सजा नहीं दी जा रही है।

नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने छात्रों की मांगों को जायज करार दिया है। उन्होंने विरोध और प्रदर्शनों का बचाव करते हुए कहा कि छात्र बस एक निष्पक्ष और योग्यता आधारित शिक्षा प्रणाली यानी एजुकेशन सिस्टम की मांग कर रहे हैं। इसके वह हकदार हैं। उनको हक मिलना चाहिए।

इस पूरे मामले पर राहुल गांधी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस छात्रों की एक मांग को और दोहराया। उन्होंने इस पूरे मामले पर जवाबदेही तय करने की मांग की। साथ ही पीएम मोदी से इस पूरे मामले पर आगे आने, परेशान छात्रों से माफी मांगने और देश के युवाओं के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए ठोस कदम उठाने का आग्रह किया है।

राहुल गांधी ने पीएम आवास के बाहर प्रदर्शन को लेकर कहा कि हमें लगा कि अगर देश के स्टूडेंट सड़क पर हैं, तो विपक्ष को भी सड़क पर होना चाहिए। पीएम आवास जाने से पहले विपक्ष स्पीकर के पास गया। हमने उनसे सदन में स्टूडेंट के मुद्दों पर चर्चा करवाने की मांग की। उन्होंने कहा कि वे सरकार से बात करेंगे, लेकिन उसके बाद कुछ नहीं हुआ। मुद्दे को नजरअंदाज कर दिया गया। इसीलिए हम चाहते हैं कि शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दें।

इस पूरे मामले पर कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने केंद्र सरकार के सामने तीन मांगे रखी हैं। उन्होने कहा है कि पहली मांग शिक्षामंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दें। दूसरा वह छात्रों पर बर्बरता करने वाले छात्रों को सजा दें। ये आतंकवादी नहीं है। हमारे देश के युवा हैं। तीसरी मांग है कि पीएम मोदी इस पूरी घटना पर खेद जताएं।

First Published on: July 22, 2026 8:54 PM
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