RSS मार्च पर कर्नाटक में सियासी संग्राम, प्रियंक खड़गे पर बरसे BJP नेता अश्वथ नारायण

बेंगलुरु: कर्नाटक में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के रूट मार्च की अनुमति को लेकर विवाद बढ़ गया है। बीजेपी के वरिष्ठ नेता और पूर्व उपमुख्यमंत्री सीएन अश्वथ नारायण ने राज्य के मंत्री प्रियंक खड़गे के बयानों की आलोचना करते हुए उन्हें ‘नफरत भरा और बेबुनियाद’ बताया।

रविवार को बेंगलुरु के मल्लेश्वरम में RSS स्वयंसेवकों के रूट मार्च में शामिल हुए नारायण ने कहा कि मंत्री को अपने पद की जिम्मेदारी समझनी चाहिए और समाज के सभी वर्गों की मान्यताओं का सम्मान करना चाहिए। उन्होंने सवाल उठाया कि खड़गे की टिप्पणी उनकी निजी राय है या कांग्रेस सरकार का आधिकारिक रुख।

प्रियंक खड़गे ने क्या कहा था?

प्रियंक खड़गे ने बुधवार को कहा था कि कर्नाटक में रूट मार्च आयोजित करने के लिए RSS को केवल पुलिस को सूचना देने के बजाय औपचारिक अनुमति लेनी चाहिए। उनके अनुसार, अनुमति मिलने पर पुलिस जरूरी व्यवस्थाएं कर सकेगी।

खड़गे ने कहा कि RSS सहित सभी संगठनों पर समान नियम लागू होते हैं और कोई भी संगठन कानून या संविधान से ऊपर नहीं है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि प्रस्तावित मार्च में कोई समस्या होने पर स्थानीय अधिकारी बातचीत से उसका समाधान कर सकते हैं। इस मुद्दे पर बीजेपी और कांग्रेस नेताओं के बीच बयानबाजी तेज हो गई है।

First Published on: October 25, 2026 12:23 PM
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