नई दिल्ली: कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने अयोध्या के श्रीराम मंदिर में दान की कथित हेराफेरी को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा है। उत्तर प्रदेश के प्रस्तावित दौरे से पहले उन्होंने पीएम मोदी से इस मामले पर चुप्पी तोड़ने और निष्पक्ष जांच कराने की मांग की।
जयराम रमेश ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर ‘चंदा चोरी, आस्था धोखा’ शीर्षक से पोस्ट कर आरोप लगाया कि मंदिर में दान की कथित गड़बड़ी के मामले को दबाने और जिम्मेदार लोगों को बचाने की कोशिश हो रही है। उन्होंने मंदिर ट्रस्ट में भाजपा, विश्व हिंदू परिषद और आरएसएस से जुड़े लोगों की नियुक्ति पर भी सवाल उठाए। ये आरोप कांग्रेस नेता ने लगाए हैं।
दान की राशि और खर्च का हिसाब मांगा
जयराम रमेश के मुताबिक, 2021 में निधि समर्पण अभियान और कॉर्पस दान के जरिए कुल 3,264 करोड़ रुपये जुटाए गए थे। उन्होंने दावा किया कि 1 अप्रैल 2025 से 28 फरवरी 2026 के बीच करीब 16 करोड़ श्रद्धालुओं के अयोध्या पहुंचने के बावजूद इस अवधि में चढ़ावे की राशि 82.78 करोड़ रुपये बताई गई।
उन्होंने दान और चढ़ावे का पूरा हिसाब सार्वजनिक करने, देशभर से जुटाई गई कुल राशि का विवरण देने और विशेष जांच दल (SIT) की जांच पर स्पष्टीकरण मांगा। उन्होंने सवाल किया कि जांच में कथित चोरी की राशि केवल 80 लाख रुपये तक सीमित क्यों बताई गई।
SIT की चार्जशीट में आठ आरोपी
मामले में एसआईटी ने आठ आरोपियों के खिलाफ स्थानीय अदालत में चार्जशीट दाखिल की है। ANI की रिपोर्ट के अनुसार, इसमें सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल चैट और कॉल डिटेल रिकॉर्ड को साक्ष्य के रूप में शामिल किया गया है।
चार्जशीट के मुताबिक, आरोपी अविनाश शुक्ला पर दान की रकम गिनने के दौरान 85 बार पैसे निकालने का आरोप है। करुणेश पांडे पर दो बार चढ़ावे की रकम निकालने और 68 बार इस काम में मदद करने का आरोप लगाया गया है। वहीं, मनीष कुमार यादव पर 16 बार शामिल होने और 19 बार रकम निकालने में मदद करने के आरोप हैं। ये आरोप जांच एजेंसी के दावों पर आधारित हैं; इनका अंतिम निर्धारण अदालत में होगा।
जयराम रमेश ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मामले में जवाब मांगा है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस इस मुद्दे को उठाती रहेगी और कथित गड़बड़ी के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ संविधान के अनुसार कार्रवाई होनी चाहिए।
