ट्रंप का दावा- आव्रजन नीति के कारण ‘जल रहा फ्रांस’, मैक्रों ने दी प्रतिक्रिया

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वॉशिंगटन: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फ्रांस में जारी विरोध प्रदर्शनों के बीच उसकी आव्रजन नीति की आलोचना की है। शनिवार को जॉर्जिया के पेरी में रिपब्लिकन उम्मीदवारों की चुनावी रैली में उन्होंने दावा किया कि फ्रांस ने अपनी सीमाएं ऐसे लोगों के लिए खोल दी हैं जो उसके देश और संस्कृति से नफरत करते हैं। ट्रंप ने कहा कि अमेरिका को ऐसे लोगों को अपने यहां प्रवेश नहीं देना चाहिए।

फ्रांस में करीब 1,000 गिरफ्तारियां

फ्रांस में महंगाई, सार्वजनिक सेवाओं के लिए अपर्याप्त बजट और शिक्षा व्यवस्था की समस्याओं के खिलाफ हुए प्रदर्शनों के दौरान करीब 1,000 लोगों को गिरफ्तार किया गया। गृह मंत्री लॉरेंट नुनेज के मुताबिक, यह संख्या बढ़ सकती है।

फ्रांस 24 के अनुसार, सरकार ने प्रदर्शनों में करीब 4.10 लाख लोगों के शामिल होने का अनुमान लगाया, जबकि आयोजकों ने यह संख्या लगभग 8 लाख बताई। पेरिस समेत ल्योन, मार्सेई और अन्य शहरों में पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़पें हुईं। पुलिस ने आंसू गैस और वाटर कैनन का इस्तेमाल किया।

मैक्रों ने विदेशी नेताओं की टिप्पणियों की आलोचना की

फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने 21 अक्टूबर को विदेशी नेताओं पर अपने राजनीतिक हितों के लिए फ्रांस की अशांति का इस्तेमाल करने का आरोप लगाया था। कतर यात्रा के दौरान उन्होंने कहा कि घटनाओं के बाद गलत सूचनाएं फैलाई गईं। ट्रंप का नाम लिए जाने पर मैक्रों ने कहा कि उनकी टिप्पणी कई नेताओं के लिए थी।

इससे पहले, इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भी फ्रांस की स्थिति पर टिप्पणी करते हुए चरमपंथी इस्लाम से खतरे का दावा किया था।

फ्रांस में प्रदर्शन एक महीने से अधिक समय पहले छात्रों की ओर से शिक्षा व्यवस्था की समस्याओं के खिलाफ शुरू हुए थे। बाद में महंगाई और सार्वजनिक सेवाओं के मुद्दों पर ट्रेड यूनियन, सामाजिक संगठन और ‘येलो वेस्ट’ आंदोलन से जुड़े लोग भी इसमें शामिल हो गए।

ट्रंप की टिप्पणियां ऐसे समय आई हैं, जब अमेरिका में नवंबर 2026 के मध्यावधि चुनावों के लिए शुरुआती मतदान शुरू हो चुका है। इन चुनावों में कांग्रेस के दोनों सदनों का नियंत्रण तय होगा।



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