दिल्ली से जयपुर तक सड़कों पर उतरे छात्र, जंतर-मंतर पर सुबह से जुटने लगी भीड़

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दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) द्वारा सुरक्षा कारणों से 17 मेट्रो स्टेशन बंद किए जाने के बावजूद शुक्रवार सुबह से ही जंतर-मंतर पर छात्रों की भीड़ जुटने लगी है। दिल्ली के सेंट्रल सेक्रेटेरिएट मेट्रो स्टेशन पर पुलिस और प्रदर्शनकारी मौजूद हैं। हालांकि मौके पर पूरी तरह शांति है और किसी तरह की अफरा-तफरी या हंगामे की स्थिति नहीं दिख रही।

जंतर-मंतर पर शुक्रवार की सुबह शांति दिख रही है। सैकड़ों की संख्या में छात्र धरना स्थल पर बैठे नजर आ रहे हैं। खास बात ये है कि दोपहर करीब 12:30 बजे कॉकरोच पार्टी के नुमाइंदे सरकार से बात करने वाली है। ये मुलाकात कांस्टीट्यूशन क्लब में होने वाली है। वार्ता से पहले CJP ने साफ किया है कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा उसकी गैर-समझौतावादी मांग है।

राजस्थान की राजधानी जयपुर के जवाहर सर्किल पर सबुह-सुबह कॉकरोच पार्टी के प्रदर्शनकारी पहुंचने शुरू हो गए हैं।

कॉकरोच जनता पार्टी ने आज देशभर में प्रदर्शन का आह्वान किया है। इसी बीच सोनम वांगचुक ने 26 दिन बाद अपनी भूख हड़ताल खत्म कर दी है। सरकार ने उनसे कई मुद्दों पर आश्वासन दिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी सख्त कार्रवाई का भरोसा दिलाया है और विपक्ष के नेता भी प्रदर्शन स्थल पर पहुंचे हैं।

CJP लंबे समय से NEET पेपर लीक मामले और शिक्षा व्यवस्था में सुधार को लेकर आंदोलन कर रही है। संगठन दिल्ली के जंतर मंतर पर धरना दे रहा है। 20 जुलाई को जब प्रदर्शनकारी संसद की तरफ मार्च कर रहे थे, तब पुलिस से उनकी झड़प हो गई। इस झड़प में कई प्रदर्शनकारी घायल हुए, वहीं 118 पुलिसकर्मियों को भी चोटें आईं।

रात के समय PM नरेंद्र मोदी ने एक वीडियो संदेश जारी कर पेपर लीक मामले में सख्त कार्रवाई करने का भरोसा दिलाया। वहीं राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और अखिलेश यादव समेत कई विपक्षी नेता प्रदर्शन स्थल पर पहुंचे और छात्रों का समर्थन किया। कांग्रेस पर छात्रों के आंदोलन का राजनीतिक फायदा उठाने के आरोप भी लगे, जिसे सोनम वांगचुक की पत्नी ने गलत बताया।

अब CJP ने 24 जुलाई को देश भर में शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने की अपील की है। दिल्ली, मुंबई, पटना जैसे शहरों में छात्र लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं। आंदोलन की मुख्य मांग अब शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा बन गई है।

कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दिपके ने 26 दिन बाद सोनम वांगचुक के अनशन समाप्त करने का स्वागत किया। उन्होंने वांगचुक के साहस की सराहना करते हुए कहा कि जंतर-मंतर पर पार्टी का शांतिपूर्ण प्रदर्शन केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे तक जारी रहेगा।

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से संसद में NEET और परीक्षा व्यवस्था पर बयान देने की मांग की है। उन्होंने कहा कि संसद में चर्चा से पहले केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को बर्खास्त किया जाए, छात्रों से माफी मांगी जाए और प्रदर्शनकारियों पर कार्रवाई करने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएं।

केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने बताया कि उन्होंने स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा के साथ मेदांता अस्पताल में सोनम वांगचुक से मुलाकात की। छात्रों की चिंताओं पर सकारात्मक सरकारी हस्तक्षेप का भरोसा मिलने के बाद वांगचुक ने अपना अनशन समाप्त करने का फैसला लिया।