संसद की एक संयुक्त समिति की रिपोर्ट के बाद संशोधित किये गए वक्फ विधेयक को लोकसभा में विचार और पारित किये जाने के लिए बुधवार (2 अप्रैल 2025) को लाया जाएगा। भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने अपने सभी लोकसभा सांसदों को व्हिप जारी कर 2 अप्रैल 2025 को संसद में उपस्थित रहने को कहा है।
वक्फ संशोधन बिल को लेकर आज यानी मंगलवार 1 अप्रैल 2025 को कांग्रेस ने विपक्षी पार्टियों ने बैठक बुलाई है। सूत्रों के मुतबिक लोकसभा के नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वक्फ बिल पर चर्चा कर सकते हैं। केरल में मुस्लिमों ने कई ईसाई संपत्तियों को अपनी वक्फ संपत्ति बताया है। इस बीच कैथोलिक संगठनों ने सरकार के वक्फ विधेयक का समर्थन करते हुए विज्ञप्ति जारी किया है। साथ ही संपत्ति के स्वामित्व आदि पर नियमों में बदलाव की मांग की है।
सूत्रों के मुताबिक इसके मद्देनजर, कांग्रेस अभी तक यह तय नहीं कर पाई है कि प्रियंका गांधी या राहुल गांधी कल लोकसभा में वक्फ चर्चा पर बोलेंगे या नहीं। इस बीच बीजेपी नेता शाहनवाज हुसैन ने कहा कि बिल को लेकर मुसलमान समाज को गुमराह किया जा रहा है। उन्होंने कहा, “जैसे सीएए के समय मुसलमान को भड़का कर शाहीन बाग कराया गया था। इस बिल से मुसलमान का हित होगा, जिन लोगों ने जमीन कब्जा किया उनका कब्जा खत्म होगा।”
कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने कहा वक्फ संशोधन विधेयक को लेकर केंद्र सरकार के साथ-साथ उनके सहयोगियों पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा, “नीतीश कुमार, चंद्रबाबू नायडू, चिराग पासवान, जयंत चौधरी समझ लें कि बिल पास हुआ तो मुसलमान उन्हें कभी माफ नहीं करेगा। छह सौ की किट से मोहब्बत नहीं होती, हमारा वक्फ वापस कर दीजिए। संख्याबल से हमें दबाया गया तो कोर्ट जाएंगे।”
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला की अध्यक्षता में कार्य मंत्रणा समिति (बीएसी) की बैठक में वक्फ संशोधन विधेयक पर चर्चा हुई। पिछले साल विधेयक पेश करते समय सरकार ने इसे दोनों सदनों की एक संयुक्त समिति को भेजने का प्रस्ताव किया था। कार्य मंत्रणा समिति की बैठक में विपक्ष ने विधेयक पर चर्चा के लिए 12 घंटे का समय मांगा, जबकि सरकार ने कहा कि मणिपुर में राष्ट्रपति शासन लगाने की निंदा करने वाले वैधानिक प्रस्ताव पर चर्चा कराई जाएगी, इसलिए वक्फ विधेयक के लिए आठ घंटे से अधिक समय नहीं दिया जा सकता।