WEATHER UPDATE: गर्मी और तपन ने मार्च के महीने में ही तोड़े सारे रिकॉर्ड

अप्रैल की दस्तक पहले ही देश में गर्मी और तपन का सिलसिला शुरू हो गया है। मौसम के लगातार बदलते मिजाज के कारण इस समय समूचे उत्तर भारत के अधिकांश राज्य लू की चपेट में हैं...

अप्रैल की दस्तक पहले ही देश में गर्मी और तपन का सिलसिला शुरू हो गया है। मौसम के लगातार बदलते मिजाज के कारण इस समय समूचे उत्तर भारत के अधिकांश राज्य लू की चपेट में हैं। इस कड़ी में 1951 के बाद बुधवार का दिन सबसे गर्म रहा है। दिनभर गर्म हवाएं चलने के साथ अधिकतम तापमान सामान्य से आठ अधिक 39.6 डिग्री सेल्सियस रहा।

राजधानी दिल्ली में आज व कल पारा 40 डिग्री तक पहुंच सकता है, वहीं, मध्य भारत व महाराष्ट्र में पांच दिन तक लू चलने के आसार हैं। दिल्ली में एक-दो अप्रैल को पारा मामूली गिर सकता है।

मौसम विभाग दिल्ली के वैज्ञानिक आरके जेनामणि ने बताया कि अगले 7 से 10 दिनों में दिल्ली, राजस्थान, मध्य भारत, तेलंगाना, ओडिशा, छत्तीसगढ़ में बारिश के कोई आसार नहीं हैं। सिर्फ केरल, कर्नाटक के कुछ हिस्सों व उत्तर-पूर्व में कुछ वर्षा हो सकती है।

दिल्ली में आज भी राहत के आसार नहीं
मौसम विभाग का पूर्वानुमान है कि राजधानी में अगले 24 घंटे में कई इलाकों में गंभीर स्तर की लू चलेगी। अधिकतम तापमान 40 व न्यूनतम तापमान 20 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। नए माह के पहले दिन तेज रफ्तार से हवाएं चलने से लू से कुछ राहत मिल सकती है। लेकिन, इसके तीसरे दिन फिर से गर्मी का प्रकोप बढ़ेगा और लू दर्ज की जाएगी।

महाराष्ट्र में यहां लू की चेतावनी
मौसम वैज्ञानिक जयंत सरकार ने बताया कि मध्य महाराष्ट्र के कुछ जिलों में लू चल सकती है। ये जिले हैं अहमदनगर, सोलापुर, जलगांव। इसके अलावा मराठवाड़ा के औरंगाबाद, हिंगोली, परभनी व जालना में अगले तीन दिन तक लू चल सकती है।

अगले कुछ दिन नहीं होगी बारिश
मौसम विभाग के मुताबिक दिल्ली, राजस्थान, मध्य भारत, तेलंगाना, ओडिशा, छत्तीसगढ़ में अगले सात से दिनों तक बारिश की कोई संभावना नहीं है। केरल, कर्नाटक के कुछ हिस्सों और पूर्वोत्तर में केवल कुछ बारिश होगी।

लाहौल में गर्मी ने तोड़े रिकॉर्ड
हिमाचल प्रदेश के जनजातीय जिले लाहौल-स्पीति में गर्मी ने पुराने सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। मार्च माह में पहली बार पारा 20 डिग्री के पार हो गया है। यही क्रम चलता रहा तो आने वाले दिनों में ग्लेशियरों के पिघलने की रफ्तार भी सामान्य से कई गुना तक बढ़ जाएगी। पूर्व में मार्च माह में लाहौल का न्यूनतम पारा माइनस में रिकॉर्ड किया गया है, लेकिन पहली बार इस साल न्यूनतम पारा भी माइनस को पार कर तीन डिग्री तक पहुंच गया है। पर्यावरण विशेषज्ञों का कहना है कि लाहौल घाटी में अटल टनल के निर्माण के बाद पर्यावरण में बदलाव देखने को मिला है।

First Published on: March 31, 2022 11:11 AM
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