प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार (5 फरवरी 2026) को राज्यसभा में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव का जवाब दिया। इस दौरान प्रधानमंत्री ने कांग्रेस की नीति पर जमकर निशाना साधा। प्रधानमंत्री के भाषण के बीच विपक्षी सदस्यों ने सदन से वॉकआउट किया। राज्यसभा की कार्यवाही स्थगित होने के बाद लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने कहा कि पीएम मोदी डरे हुए हैं।
कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने एक्स पर पोस्ट कर कहा, ‘बस सवालों से इतनी घबराहट? मोदी जी सच्चाई से ऐसा डरे, झूठ की शरण ले ली। खैर, जो उचित समझा, वही किया।’ पीएम मोदी ने बीजेपी सांसद रवनीत बिट्टू को गद्दार दोस्त बुलाए जाने को लेकर राहुल गांधी पर निशाना साधा।
उन्होंने कहा, ‘कल इस सदन के एक सांसद को कांग्रेस के युवराज ने गद्दार कह दिया। सोचिए, इनका अहंकार सातवें आसमान पर पहुंच चुका है। उन्होंने (राहुल गांधी) रवनीत बिट्टू को गद्दार इसलिए कहा क्योंकि वे सिख थे। यह सिखों का अपमान था, गुरुओं का अपमान था। कांग्रेस के अंदर सिखों के प्रति जो कूट-कूटकर नफरत भरी हुई है, यह उसी की अभिव्यक्ति थी।उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी असम के लोगों से गहरी नफरत रखती है।’
प्रधानमंत्री ने कहा, ‘कांग्रेस ने कभी स्टार्टअप कल्चर को प्रमोट ही नहीं किया। इनका तो हाल ऐसा है कि ये अपने घर के स्टार्टअप को भी ठीक नहीं कर पा रहे हैं। कांग्रेस हताश है और मोदी की कब्र खोदना चाहती है। हमने 370 की दीवार गिरा दी, नॉर्थ ईस्ट में बम-बारूद की छाया समाप्त कर विकास की राह अपनाई, पाकिस्तानी आतंकियों को घर में घुसकर जवाब देते हैं, ऑपरेशन सिंदूर करते हैं, माओवादी आतंक से देश को मुक्ति दिलाने के लिए साहसपूर्ण कदम उठाते हैं, इसलिए ये मोदी की कब्र खोदनी है।’
उन्होंने कहा, ‘कांग्रेस पार्टी असम के लोगों से गहरी नफरत रखती है। जब कांग्रेस ने भूपेन हजारिका को भारत रत्न दिए जाने के फैसले का विरोध किया तो मुझे बहुत दुख हुआ। मल्लिकार्जुन खरगे ने हजारिका जी को महज एक गायक कहकर खारिज कर दिया, जो न केवल असम, बल्कि पूरे कला जगत का घोर अपमान है।’
