इस घड़ी ख़्वाब कोई सस्ता देख-इरशाद ख़ान सिकंदर


पंजाबी के कवि गगन संधू ने अपनी तीन कविताएं और संस्कृत कवि ऋषिराज पाठक ने एक काव्य नाटिका प्रस्तुत की। अंत में उर्दू के शायर इरशाद खान सिकंदर ने अपनी कई ग़ज़लें पसुनाईं।


नागरिक न्यूज नागरिक न्यूज
साहित्य Updated On :

नई दिल्ली। साहित्य अकादेमी द्वारा आयोजित पुस्तकायन पुस्तक मेले के दूसरे दिन साहित्यिक कार्यक्रम ‘युवा साहिती’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें हिंदी, मैथिली, पंजाबी, संस्कृत और उर्दू के कवियों ने अपनी रचनाएं प्रस्तुत कीं। सर्वप्रथम हिंदी के युवा कवि शचींद्र आर्य ने- अंतराल, अनुपस्थित, धौला कुंआ, नदी, कम जगह और चीडों पर चांदनी- शीर्षक से अपनी कविताएं प्रस्तुत कीं, जिन्हें श्रोताओं द्वारा बेहद पसंद किया गया। इसके बाद मैथिली की युवा कवयित्री संस्कृति मिश्र ने शरद गीत एवं अन्य रचनाएं सस्वर प्रस्तुत कीं।

पंजाबी के कवि गगन संधू ने अपनी तीन कविताएं और संस्कृत कवि ऋषिराज पाठक ने एक काव्य नाटिका प्रस्तुत की। अंत में उर्दू के शायर इरशाद खान सिकंदर ने अपनी कई ग़ज़लें पसुनाईं। उनकी कई ग़ज़लों जैसे – तेरी हस्ती को गुनहगार संभाले हुए हैं, इस घड़ी ख्वाब कोई सस्ता देख, मैं आदमी हूं हाशिए से पहले का, शायरी के कंठ नीले हो गए आदि को श्रोताओं की तरफ से भरपूर दाद मिली।

कार्यक्रम के आरंभ में साहित्य अकादेमी के उपसचिव कृष्णा किंबहुने ने सभी कवियों का स्वागत अंगवस्त्रम् प्रदान करके किया। साहित्यिक कार्यक्रम से पहले प्रस्तुत हुए सांस्कृतिक कार्यक्रम में सर्वप्रथम तेरह वर्षीय मौलिक बंसल ने तबला वादन प्रस्तुत किया और उसके बाद उत्कर्ष झा ने राग वागेश्वरी, भजन एवं एक कजली सुनाईं।

ज्ञात हो कि यह पुस्तक मेला साहित्य अकादेमी परिसर में 09 दिसंबर 2023 तक चलेगा। इसमें हिंदी, अंग्रेजी, उर्दू व अन्य भारतीय भाषाओं के 50 स्टॉल लगे हैं। कुछ प्रमुख प्रकाशन जो इस मेले में उपस्थित हैं, उनके नाम हैं – राजकमल प्रकाशन, वाणी प्रकाशन, किताब घर, प्रभात प्रकाशन, सामायिक प्रकाशन, ओम बुक इंटरनेशनल, पैंगुइन रैंडम हाउस इंडिया, नियोगी बुक्स, इंडिया टुडे, रेख़्ता फाउंडेशन के अतिरिक्त प्रकाशन विभाग, सीसीआरटी, चिल्ड्रन बुक्स ट्रस्ट आदि। बच्चों के प्रमुख प्रकाशक एकलव्य और इकतारा के स्टॉल भी मेले में हैं।

यह मेला प्रतिदिन पूर्वाह्न 10 बजे से सायं 8 बजे तक खुला रहेगा। कल साहित्यिक कार्यक्रम के अंतर्गत मुशायरा का आयोजन अपराह्न 3.00 बजे किया जाएगा, जिसकी अध्यक्षता चंद्रभान ख़याल करेंगे और उसमें ख़ालिद महमूद, आज़िम कोहली, फ़ारूक़ अर्गली, मोइन शादाब और तहसीन मुनव्वर अपने-अपने कलाम प्रस्तुत करेंगे। सांस्कृतिक कार्यक्रम के अंतर्गत कथक की प्रस्तुति अपराह्न 2.00 बजे होगी।