प्रेमचंद को पढ़कर मैं लेखक बना – प्रकाश मनु


साहित्य अकादेमी परिसर में 09 दिसंबर 2023 तक चलने वाले इस पुस्तक मेले में देश के प्रमुख हिंदी, अंग्रेजी, उर्दू व अन्य भारतीय भाषाओं के 40 स्टॉल तो लगे ही हैं, साथ ही अन्य 10 स्टॉलों में देश की प्रमुख साहित्यिक, सांस्कृतिक एवं प्रकाशन से संबंधित संस्थाओं के प्रकाशन भी शामिल हैं।


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नई दिल्ली। साहित्य अकादेमी द्वारा आयोजित पुस्तकायन पुस्तक मेले का चौथा दिन बच्चों के नाम रहा। बच्चे जहाँ प्रख्यात बाल लेखक प्रकाश मनु से मिले, वहीं उन्होंने कार्टूनिस्ट से कार्टून बनाने के गुर भी सीखे। सर्वप्रथम ‘अपने प्रिय बाल लेखक से मिलिए’ कार्यक्रम के अंतर्गत बच्चों की भेंट साहित्य अकादेमी के प्रथम बाल साहित्य पुरस्कार विजेता एवं प्रख्यात बाल लेखक प्रकाश मनु से कराई गई।

बच्चों से रूबरू संवाद करते हुए उन्होंने सबसे पहले बच्चों को अपने बचपन एवं लेखक बनने की प्रक्रिया के बारे में तो विस्तार से बताया ही, बल्कि अपनी कई कहानियाँ एवं कविताएँ भी बच्चों को रोचक तरीक़े से सुर्नाइं। उन्होंने कहा कि ‘‘मैंने युवा अवस्था में ही जब मैं विज्ञान का विद्यार्थी था तभी तय कर लिया था कि मैं साहित्यकार ही बनूँगा और अपनी आजीविका भी साहित्य के ज़्ारिये ही अर्जित करूँगा।’’ अपनी माँ और नानी की सुनाई कहानियों को याद करते हुए उन्होंने कहा कि मैं उन कहानियों के नायकों के सुख-दुख में पूरी तरह शामिल हो जाता था और कई दिन उनके ही समान स्वयं को महसूस करता था।

अधकू चरित्र पर लिखी कहानी सुनाते हुए उन्होंने कहा कि ‘‘यह कहीं न कहीं मैं ही था और मैंने उस चरित्र की तरह ही आठवीं कोठरी खोलने का निश्चय किया, जिसमें ख़तरे तो बहुत थे। लेकिन उनपर विजय पाने की ख़ुशी और गर्व भी शामिल था। उन्होंने निराला, दिनकर, बालकृष्ण शर्मा ‘नवीन’ आदि का उल्लेख करते हुए कहा कि मुझे सबसे ज़्यादा प्रेमचंद की कहानियों ने बदला। आगे उन्होंने कहा कि ‘‘लेखक होने से बड़ा सुख कोई नहीं है। साहित्यकार अपने रचना-संसार से हज़ारों लोगों के दिलों को स्पर्श कर सकता है।’’ अंत में, उन्होंने बच्चों के कई रोचक सवालों के जवाब भी दिए और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। कार्यक्रम में कई विद्यालयों के बच्चे भारी संख्या में शामिल हुए थें।

इसके बाद, प्रख्यात कार्टूनिस्ट एवं लेखक माधव जोशी ने बच्चों के साथ कार्टून कार्यशाला का संयोजन किया। उन्होंने बच्चों को स्थिर चित्र में गति लाने के कई तरीक़े तो बताए ही, साथ ही यह भी बताया कि कार्टून कला में माहिर होने के लिए सभी चीजों का सूक्ष्म निरीक्षण बहुत ज़रूरी है। इसी के आधार पर हम श्रेष्ठ कार्टूनिस्ट हो सकते हैं। सांस्कृतिक कार्यक्रम के अंतर्गत आज सीसीआरटी छात्रवृत्ति पा रही ओडिसी एवं भरतनाट्यम् नृत्य बाल कलाकारों सोहनी महापात्र एवं अनन्या पुंजाल की प्रस्तुतियाँ हुईं।

कल का मुख्य आकर्षण ‘हिंदी कवि सम्मिलन’ है, जिसकी अध्यक्षता प्रख्यात एवं लोकप्रिय कवि बुद्धिनाथ मिश्र करेंगे और बी.एल. गौड़, हरेराम समीप, ज्ञानप्रकाश विवेक, विवेक गौतम एवं उपेंद्र पांडेय अपनी-अपनी रचनाएँ प्रस्तुत करेंगे।

साहित्य अकादेमी परिसर में 09 दिसंबर 2023 तक चलने वाले इस पुस्तक मेले में देश के प्रमुख हिंदी, अंग्रेजी, उर्दू व अन्य भारतीय भाषाओं के 40 स्टॉल तो लगे ही हैं, साथ ही अन्य 10 स्टॉलों में देश की प्रमुख साहित्यिक, सांस्कृतिक एवं प्रकाशन से संबंधित संस्थाओं के प्रकाशन भी शामिल हैं। कुछ प्रमुख संस्थान हैं – संगीत नाटक अकादेमी, ललित कला अकादेमी, राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय, इंदिरा गाँधी राष्ट्रीय कला केंद्र, सांस्कृतिक स्रोत एवं प्रशिक्षण केंद्र, भारतीय इतिहास अनुसंधान परिषद् आदि। यह मेला प्रतिदिन पूर्वाह्न 10 बजे से सायं 8 बजे तक खुला रहेगा।