BPSC TRE 3 के पेपर लीक मामले में संजीव मुखिया गिरोह का सदस्य गिरफ्तार

15 मार्च 2024 को BPSC की ओर से ली गई तीसरे चरण की शिक्षक भर्ती परीक्षा का प्रश्नपत्र लीक होने की खबर सामने आई थी। इसके बाद आर्थिक अपराध इकाई ने 16 मार्च 2024 को मामला दर्ज कर अनुसंधान जारी किया था। इसमें मुख्य सरगना संजीव मुखिया होने की बात सामने आई थी। आर्थिक अपराध इकाई ने संजीव मुखिया सहित अब तक 289 अभियुक्तों को गिरफ्तार कर चुकी है और फिर एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। संजीव मुखिया गिरोह के सदस्य औरंगाबाद निवासी विपुल कुमार को पटना गोला रोड से EOU ने गिरफ्तार किया है।

EOU की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार कई प्रतियोगी परीक्षाओं के प्रश्नपत्र लीक का मास्टरमाइंड संजीव मुखिया गिरोह का वांछित अभियुक्त विपुल कुमार उर्फ विपुल शर्मा है, जो औरंगाबाद जिले के दाउदनगर थाना क्षेत्र स्थित बिराई गांव का रहने वाला है। वह पटना स्थित अपने आवास गोला रोड में छिपा था, जिसकी सूचना पर आर्थिक अपराध इकाई ने मंगलवार 6 जनवरी को छापेमारी कर जेल भेजा।

पूछताछ में विपुल ने बताया है कि वह संजीव मुखिया गिरोह के सक्रिय सदस्य के रूप में काम करता रहा है और कई प्रतियोगी परीक्षाओं में प्रश्नपत्र लीक करने में शामिल रहा है। विपुल कुमार ने 2023 में संजीव मुखिया गिरोह द्वारा S.T.E.T हरियाणा का प्रश्नपत्र लीक करने में संजीव मुखिया को सहयोग किया था। वह कुछ सदस्यों के साथ फ्लाइट से दिल्ली गया था और वहां से सड़क मार्ग से हरियाणा के सोनीपत स्थित एक रिसोर्ट में रहकर अभ्यर्थियों को S.T.E.T हरियाणा के लिए प्रश्नपत्र के उत्तर रटवाए थे।

बिहार लोक सेवा आयोग द्वारा शिक्षक भर्ती के तीसरे चरण की प्रतियोगी परीक्षा में संजीव मुखिया गिरोह से जुड़कर 15 अभ्यर्थियों को विंगर गाड़ी से हजारीबाग (झारखंड) के कोहिनूर होटल में लेकर गया था, जहां सुनियोजित तरीके से करीब 500 अभ्यर्थियों को लीक किए गए प्रश्नपत्र रटवाने की व्यवस्था की गई थी।

कोहिनूर होटल में अभ्यर्थियों की फ्रिस्किंग के लिए विपुल हैंड हेल्ड डिवाइस भी साथ लेकर गया था। आर्थिक अपराध इकाई ने विपुल को न्यायालय में प्रस्तुत कर दिया है और अब TRE 3 के प्रश्नपत्र लीक मामले में कुल 290 अभियुक्तों की गिरफ्तारी हो चुकी है।

बता दें कि बिहार में तीसरे चरण की शिक्षक भर्ती प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और उसमें बहाल हुए शिक्षक अब कार्यरत भी हैं। लेकिन उस वक्त पेपर लीक होने पर जमकर बवाल हुआ था। विपक्ष ने सरकार पर बड़ा हमला भी किया था। उस समय परीक्षा में करीब पौने चार लाख परीक्षार्थी शामिल हुए थे। पहली पाली में 2 लाख 14 हजार और दूसरी पाली में 1 लाख 60 हजार अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी थी।

बिहार में तीसरे चरण में करीब 87,709 पदों पर शिक्षकों की नियुक्ति की जानी थी, हालांकि बहाली उससे कम हुई थी। शेष अभ्यर्थियों को चौथे चरण में मौका देने की बात कही गई है। उस वक्त हुए पेपर लीक मामले में बीपीएससी ने पूरे प्रकरण से इनकार कर दिया था, लेकिन आर्थिक अपराध इकाई उस पर अनुसंधान में जुटी रही और इसका मुख्य मास्टरमाइंड संजीव मुखिया को बताया गया था।

First Published on: January 7, 2026 10:57 AM
Exit mobile version