पटना NEET छात्रा मौत मामला: शंभू हॉस्टल के मालिक मनीष रंजन को नहीं मिली जमानत

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बिहार Updated On :

पटना के शंभू गर्ल्स हॉस्टल मामले में बड़ी खबर सामने आई है। बिल्डिंग ऑनर मनीष रंजन को शनिवार (28 फरवरी) को भी अदालत से राहत नहीं मिली और उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी गई। कोर्ट में करीब दो घंटे से अधिक समय तक चली सुनवाई के बाद अगली तारीख 2 मार्च तय की गई है। इस मामले की जांच कर रही CBI को कोर्ट ने पॉक्सो एक्ट नहीं लगाने को लेकर कड़ी फटकार भी लगाई।

शुरुआती जांच चित्रगुप्त नगर थाने की तत्कालीन थानेदार रौशनी द्वारा की गई थी। जिसके बाद पटना पुलिस की एसआईटी ने केस संभाला। 12 फरवरी को सीबीआई द्वारा केस दर्ज किए जाने के बाद से मामले ने गंभीर रूप ले लिया है और जांच लगातार तेज होती जा रही है।

जानकारी के अनुसार, सुनवाई के दौरान कोर्ट ने पूछा कि मनीष रंजन को लेकर अब तक आपने क्या जांच की? क्या आपको मनीष रंजन की जरूरत है? आपने अपने केस में तो POCSO एक्ट लगाया नहीं है। आपके पास तो अटेम्प्ट टू मर्डर का केस है। इस पर आप जवाब दीजिए कि मनीष रंजन की जरूरत आपको है या नहीं?

एसआईटी से भी यही सवाल कोर्ट ने पूछा। कोर्ट ने कहा कि मनीष पर आरोप क्या है और मनीष रंजन के खिलाफ सबूत क्या है। एसआईटी ने कोर्ट को जवाब देते हुए कहा कि अब हमें मनीष रंजन जरूरत नहीं है। क्योंकि, अब जांच सीबीआई कर रही है।

पत्रिका की रिपोर्ट के अनुसार, मनीष रंजन पिछले 43 दिनों से जेल में बंद है। नीट की तैयारी कर रही छात्रा की मौत के तीसरे दिन यानी 14 जनवरी को पुलिस ने मनीष को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया था। इसके बाद कोर्ट ने उसे सीधे बेऊर जेल भेज दिया। हैरानी की बात यह है कि इन 43 दिनों में पुलिस ने एक दिन के लिए भी मनीष को रिमांड पर लेकर पूछताछ नहीं की। घटना से जुड़े कई अहम सवाल अब भी अनसुलझे हैं, लेकिन जांच एजेंसियों ने अब तक उससे कोई सीधी पूछताछ नहीं की है।

साथ ही पूर्णिया के सांसद पप्पू यादव कई बार मनीष रंजन को रिमांड पर लेकर पूछताछ करने की मांग कर चुके हैं, लेकिन इसके बावजूद पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। अब इस पूरे मामले की जांच सीबीआई के पास है। जिससे उम्मीद की जा रही है कि मामले की निष्पक्ष और गहराई से जांच होगी।



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