जम्मू कश्मीर विधानसभा में सोमवार (21 सितंबर) से शुरू होने वाले दस दिन के ऑटम सेशन (पतझड़ सत्र) के लिए एक संयुक्त रणनीति बनाने के लिए श्रीनगर में जम्मू-कश्मीर नेशनल कॉन्फ्रेंस लेजिस्लेचर पार्टी और कांग्रेस समेत सभी सहयोगी दलों के विधायकों की एक संयुक्त बैठक हुई।
यह बैठक रविवार को श्रीनगर के सरकारी बैंक्वेट हॉल में पार्टी अध्यक्ष डॉ. फारूक अब्दुल्ला की अध्यक्षता में हुई। इसमें कांग्रेस, CPI और पांच निर्दलीय विधायकों के साथ-साथ JKNC के उपाध्यक्ष और मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला भी शामिल हुए और आगामी सत्र की तैयारियों के तहत चर्चा में भाग लिया।
विधायकों ने सत्र के दौरान आने वाले विधायी कामकाज के साथ-साथ जन कल्याण, विकास और शासन जैसे जनहित के विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की। फारूक अब्दुल्ला ने विधायकों से आपसी तालमेल बनाए रखने और यह सुनिश्चित करने को कहा कि लोगों की चिंताओं और आकांक्षाओं को सदन में प्रभावी ढंग से उठाया जाए। बैठक के बाद जारी एक बयान के अनुसार, उन्होंने लोगों से जुड़े मामलों पर “रचनात्मक भागीदारी और केंद्रित जुड़ाव” की आवश्यकता पर जोर दिया।
नेशनल कॉन्फ्रेंस के विधायक और मुख्य प्रवक्ता तनवीर सादिक ने कांग्रेस और नेशनल कॉन्फ्रेंस के बीच किसी भी मतभेद को खारिज करते हुए कहा, “सभी सहयोगी दलों और नेशनल कॉन्फ्रेंस के विधायकों ने सत्र के लिए संयुक्त रणनीति बनाने के लिए बैठक में भाग लिया। पहले NC विधायकों ने अलग से बैठक की और फिर कांग्रेस और अन्य सदस्यों ने भी मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के साथ बैठक की।”
उन्होंने कहा, “कर्रा साहब और कांग्रेस विधायक व्यक्तिगत बैठक के साथ-साथ सहयोगी दलों की लेजिस्लेचर पार्टी की बैठक में भी मौजूद थे और कोई मतभेद नहीं है।” सदस्यों ने सत्र के दौरान उठाए जाने वाले मुद्दों की प्राथमिकताओं पर भी चर्चा की और जन कल्याण, विकास और शासन से संबंधित मुद्दों पर विचार-विमर्श किया। बैठक में विधानसभा की कार्यवाही के दौरान पार्टी विधायकों की समन्वित भागीदारी के महत्व पर जोर दिया गया।
बैठक खत्म होने के बाद सलमान सागर ने कहा, “BJP पहले दिन विधानसभा में हंगामा करने की कोशिश करेगी, लेकिन हम सभी अपने सहयोगी दलों के समर्थन से सदन में उसका मुकाबला करने और विधानसभा चलाने के लिए तैयार हैं।”
