मुंबई। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने कहा कि वैश्विक महामारी के दौरान कोरोना योद्धाओं के तौर पर काम करने वाली महिलाओं के साहस और योगदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर वीडियो संदेश में सीएम ने कहा कि महामारी का खतरा अभी खत्म नहीं हुआ है और बीते एक वर्ष में अपने परिवारों के लिए महिलाएं चट्टान की तरह मजबूती से खड़ी रहीं और उन्होंने विभिन्न जिम्मेदारियों को साहसपूर्वक निभाया।
मुख्यमंत्री ने कहा, उन्हें (महिलाएं) सुरक्षित रखना हमारी जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि महामारी और उसके कारण लगे लॉकडाउन से प्रभावित अपने परिवारों की मदद के लिए महिलाएं ‘कोरोना योद्धओं’ के बतौर सबसे आगे रहीं।
ठाकरे ने कहा, उनके साहस और योगदान को कभी भुलाया नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र ‘महिलाओं के लिए सबसे सुरक्षित स्थान है’ और उनकी सरकार इसे और सुरक्षित बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा, आज का दिन महिलाओं को सलाम करने का है जो हमारे जीवन के हर चरण में साहसपूर्ण तरीके से खड़ी रहीं।
ठाकरे ने कहा कि महाराष्ट्र के पास जीजाबाई, अहिल्यादेवी, तारा रानी और सावित्री बाई फुले जैसी वीर, समाज सुधारक एवं बुद्धिमान महिलाओं की महान विरासत है। कहा, हम केवल इन महिलाओं को ही नहीं बल्कि आज की पीढ़ी की उन महिलाओं को भी सलाम करते हैं जो उनकी विरासत को आगे ले जा रही हैं।
