उपचाराधीन मरीजों के आधार पर हो आक्सीजन और रेमडेसिविर का आवंटन

जयपुर। राजस्‍थान की मंत्रिपरिषद ने देश में आक्सीजन व रेमडेसिविर की कमी तथा इससे उत्पन्न स्थिति पर चिंता व्यक्त की और राज्यों को इनका न्यायसंगत आवंटन करने पर बल दिया। मंत्रिपरिषद ने कहा कि राष्ट्रीय योजना के तहत केंद्र राज्यों को संक्रमित रोगियों की संख्या के अनुपात में तरल आक्सीजन उपलब्ध कराए।

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की अध्यक्षता में बृहस्‍पतिवार को मुख्यमंत्री निवास पर हुई राज्य मंत्रिपरिषद की बैठक में राज्‍य में संक्रमण की स्थिति तथा इससे निपटने के लिए राज्य सरकार द्वारा किए जा रहे उपायों पर चर्चा की गई। बैठक में 18 वर्ष से अधिक आयु के लोगों के लिए आगामी 1 मई से शुरू होने वाले टीकाकरण की तैयारियों तथा कोविड प्रबंधन से जुड़े तमाम बिन्दुओं पर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया।

बैठक में बताया गया कि राजस्थान को 21 अप्रैल, 2021 को तात्कालिक आवंटन में मात्र 26 हजार 500 रेमडेसिविर इंजेक्शन आवंटित किए गए, जबकि गुजरात एवं मध्यप्रदेश को राजस्थान से कम उपचाराधीन मामले होने के बावजूद क्रमशः 1 लाख 63 हजार तथा 92 हजार 200 रेमडेसिविर इंजेक्शन आवंटित किए गए हैं।

मंत्रिपरिषद ने इस बात पर जोर दिया कि 18 से 44 वर्ष की आयु वर्ग के लोगों का भी केंद्र सरकार निशुल्क टीकाकरण करवाए। बैठक में जानकारी दी गई कि मुख्यमंत्री गहलोत ने इस संबंध में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को पत्र लिखकर आग्रह किया है कि केंद्र सरकार को 60 वर्ष, 45 वर्ष एवं अब 18 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के लिए एक ही नीति अपनानी चाहिये।

First Published on: April 23, 2021 8:02 AM
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