90 से अधिक विधायकों के इस्तीफे की धमकी के कारण सीएलपी की बैठक रद्द,गहलोत-पायलट दिल्ली तलब

माकन ने मीडिया से बात करते हुए कहा, हम अभी दिल्ली नहीं जा रहे हैं। हमें हर एक विधायक से फीडबैक लेने के लिए कहा गया है। इस बीच, सूत्रों ने कहा कि कांग्रेस आलाकमान ने गहलोत और पायलट दोनों को दिल्ली बुलाया है।

जयपुर। राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के आवास पर रविवार को बुलाई गई कांग्रेस विधायक दल (सीएलपी) की बैठक को रद्द कर दिया गया है क्योंकि कांग्रेस के 90 से अधिक विधायकों ने इस्तीफा देने की धमकी दी है। उनकी मांग है कि, उनके समूह से ही नया सीएम चेहरा हो। राजस्थान के मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास ने मीडिया से कहा, विधायक चाहते हैं कि या तो गहलोत या उनकी पसंद का कोई मुख्यमंत्री बने। सचिन पायलट को प्रदेश की कमान देने की चर्चाओं से कांग्रेस के विधायक नाराज हैं। गहलोत को कथित तौर पर राज्यसभा सांसद के.सी. वेणुगोपाल ने स्थिति को संभालने के लिए कहा, लेकिन मुख्यमंत्री ने कांग्रेस के केंद्रीय नेतृत्व से कहा कि यह उनके हाथ में नहीं है।

इस बीच, राजस्थान के पूर्व उपमुख्यमंत्री पायलट को मुख्यमंत्री पद के लिए केंद्रीय नेताओं की पसंद माना जा रहा है। गहलोत खेमे का एक प्रतिनिधिमंडल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अजय माकन से मिलने गया, इनमें राज्य के शहरी विकास एवं आवास मंत्री शांति धारीवाल, प्रताप सिंह खाचरियावास और महेश जोशी शामिल हैं। अजय माकन सीएलपी बैठक के पर्यवेक्षक के रूप में जयपुर आए हुए हैं।

माकन ने मीडिया से बात करते हुए कहा, हम अभी दिल्ली नहीं जा रहे हैं। हमें हर एक विधायक से फीडबैक लेने के लिए कहा गया है। इस बीच, सूत्रों ने कहा कि कांग्रेस आलाकमान ने गहलोत और पायलट दोनों को दिल्ली बुलाया है।

कांग्रेस नेतृत्व खफा..गहलोत, पायलट दिल्ली तलब

कांग्रेस का शीर्ष नेतृत्व राजस्थान में राजनीतिक ड्रामा से परेशान है, जहां रविवार को मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के समर्थकों ने सचिन पायलट को मुख्यमंत्री बनाने के खिलाफ नारेबाजी की तो दूसरी तरफ पार्टी सूत्रों ने जानकारी दी कि, अशोक गहलोत और सचिन पायलट को दिल्ली तलब किया गया है।

माना जा रहा है कि, कांग्रेस अध्यक्ष पद के लिए रेस में शामिल गहलोत ने पार्टी नेतृत्व से कहा था कि उनके हाथ में कुछ भी नहीं है और यह विधायकों को तय करना है। रविवार को उस समय राजस्थान की सियासत में नया मोड़ देखा गया जब गहलोत समर्थित 70 विधायक राज्य मंत्री शांति धारीवाल के आवास पर एकत्र हो गए ताकि पायलट को उत्तराधिकारी की दौड़ से बाहर करने की रणनीति बनाई जा सके।

राज्य मंत्री प्रताप खाचरियावास के अनुसार, 92 विधायक एक साथ हैं और उन्होंने इस्तीफा देने का फैसला किया है। उन्होंने कहा, हमें अपना नेता चुनने का पूरा अधिकार है और हम अपना नेता तय करेंगे। अगर उन्हें नहीं सुना गया तो ये विधायक विधानसभा अध्यक्ष सी.पी. जोशी को अपना इस्तीफा सौंप देंगे।

First Published on: September 26, 2022 8:10 AM
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