जयपुर। राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने केंद्रीय कृषि कानूनों के खिलाफ जारी किसान आंदोलन को लेकर केंद्र सरकार व प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर हमला करते हुए शुक्रवार को उम्मीद जताई कि महात्मा गांधी का संदेश प्रधानमंत्री मोदी को झकझोरेगा और वह कृषि कानूनों पर कोई फैसला करेंगे।
गहलोत ने दांडी मार्च की 91वीं वर्षगांठ के अवसर पर यहां आयोजित मार्च को रवाना किया। इसके बाद उन्होंने संवाददाताओं से बातचीत में कृषि कानूनों को लेकर जारी आंदोलन पर कहा, ‘‘आज के दिन दांडी मार्च के उपलक्ष्य में नरेंद्र मोदी खुद भी साबरमती आश्रम से इसको (मार्च) रवाना कर रहे हैं, मुझे उम्मीद है कि आज शाम तक गांधी जी का संदेश उनको झकझोरेगा।
हो सकता है कि शाम तक वो कोई फैसला करें, तो मुझे बहुत खुशी होगी, देशवासियों को खुशी होगी। इसके साथ ही गहलोत ने कहा, यह देश का दुर्भाग्य है कि जिन किसानों ने आजादी की जंग में हिस्सा लिया हो, जो अन्नदाता हो सरकारें उनके लिए जिद पकड़कर बैठे हैं। मैं बार-बार कहता हूं कि सरकारों को कभी जिद नहीं करनी चाहिए, सरकारों को हमेशा नतमस्तक होना चाहिए जनता के सामने, जनता जनार्दन के सामने, मतदाताओं के सामने।
मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार अगर इन कानूनों को एक बार वापस ले भी लेती है तो क्या फर्क पड़ेगा। एकबार आप वापस ले लीजिए कानून को। 4-6 महीने में आप बुलाकर बात कर लीजिए किसानों से भी, राज्य सरकारों से भी, विपक्ष की पार्टियों से भी, नया कानून लेकर आ जाइए। कुछ नहीं करना है, सिर्फ ये फैसले करने की बात है, जो प्रधानमंत्री मोदी को करना है, सरकार को करना है।
उन्होंने कहा, आंदोलन को चार महीने लगभग होने को आए हैं। क्या अब भी वे इतनी हठधर्मिता दिखाएंगे? संवेदनहीनता की पराकाष्ठा हो चुकी है देश में। पूरा मुल्क देख रहा है। इतना आक्रोश है लोगों के अंदर कि कोई कल्पना नहीं कर सकता। उनको अभी ये महसूस नहीं हो रहा है।
गहलोत ने कहा पूरे देश में बहुत ज्यादा गुस्सा है, आम लोगों के अंदर भी है। ये सरकार ने क्यों इतना हठ कर रखा है, सरकारें कभी भी जिद नहीं करती हैं। इस आंदोलन को लेकर पूरी दुनिया में भारत की बदनामी हो रही है। कहा, ‘‘मैं उम्मीद करता हूं कि विदेश मंत्रालय और विदेश मंत्री प्रधानमंत्री को सही सलाह देंगे जिससे कि उनको वापस सोचने के लिए मजबूर होना पड़े कि मुझे वास्तव में क्या कदम उठाना है किसानों के हित के लिए।
कोरोना वायरस संक्रमण के मामलों की संख्या में इजाफा पर कहा कि जनता को सभी प्रोटोकाल का पालन करना चाहिए ताकि राजस्थान यह जीती हुई जंग हार नहीं जाए। गहलोत ने कहा, सरकार ने छूट दी है लोगों पर विश्वास करके, अगर उसके बावजूद लापरवाही हुई, तो सख्ती के कदम भी उठाए जा सकते हैं।
