‘सरकार बदलेगी तो बचाने वाला कोई नहीं होगा’, अभिषेक बनर्जी की पुलिस और जांच एजेंसियों को चेतावनी

कोलकाता। पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के नेता और सांसद अभिषेक बनर्जी ने पुलिस प्रशासन और केंद्रीय जांच एजेंसियों पर निशाना साधते हुए अधिकारियों को चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि अधिकारियों को राजनीतिक दबाव में काम करने से बचना चाहिए। सरकार बदलने पर उन्हें बचाने वाला कोई नहीं होगा। बनर्जी ने भ्रष्टाचार के मामलों और कोलकाता के चोरबागान दुर्गा पूजा पंडाल में हुई भगदड़ की जांच को लेकर यह बयान दिया।

अभिषेक बनर्जी ने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी), केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) और कोलकाता पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि पिछले पांच महीनों से इन एजेंसियों की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है। भ्रष्टाचार में शामिल किसी भी व्यक्ति के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई होनी चाहिए, लेकिन इसकी शुरुआत अपने घर से होनी चाहिए।

उन्होंने आरोप लगाया कि टीएमसी पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाने वाले कुछ लोग खुद कैमरे पर रिश्वत लेते पकड़े गए हैं। साथ ही उन्होंने चोरबागान हादसे में 19 लोगों की मौत के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।

चोरबागान भगदड़ में 19 लोगों की हुई थी मौत

उत्तर कोलकाता के चोरबागान सार्वजनिक दुर्गोत्सव पंडाल में 17 अक्टूबर को दुर्गा पूजा समारोह के दौरान भगदड़ मच गई थी। इस हादसे में 19 लोगों की मौत हो गई थी।

बनर्जी ने पुलिस पर आरोप लगाया कि वह छोटे स्तर के लोगों के खिलाफ कार्रवाई कर रही है, जबकि राजनीतिक संबंध रखने वाले पूजा समिति के शीर्ष पदाधिकारियों पर कार्रवाई नहीं की जा रही है।

मामले की जांच सेवानिवृत्त हाईकोर्ट न्यायाधीश अनिंदिता रॉय सरस्वती की अध्यक्षता में गठित छह सदस्यीय विशेष जांच टीम (एसआईटी) कर रही है। अब तक नौ लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। आयोजन की अनुमति और उससे जुड़ी अन्य व्यवस्थाओं की भी जांच की जा रही है।

अधिकारियों को दी कानून के दायरे में रहने की चेतावनी

अभिषेक बनर्जी ने मौजूदा प्रशासनिक व्यवस्था को अंतरिम सरकार बताते हुए कहा कि मुख्यमंत्री, विधायक और पूरी सरकार अस्थायी व्यवस्था के तहत काम कर रहे हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के निर्देशों पर काम करने वाले अधिकारियों को चेतावनी दी कि सरकार बदलने के बाद उन्हें बचाने वाला कोई नहीं होगा।

उन्होंने कहा कि कोई भी व्यक्ति कानून से ऊपर नहीं है और अधिकारियों को राजनीतिक हितों के बजाय राजधर्म का पालन करना चाहिए।

हालांकि, मौजूदा पश्चिम बंगाल सरकार को ‘अंतरिम सरकार’ बताना अभिषेक बनर्जी का राजनीतिक बयान है। सुप्रीम कोर्ट ने राज्य की विधानसभा या मंत्रिमंडल को कानूनी रूप से अंतरिम सरकार घोषित नहीं किया है।

इस पूरे विवाद के बीच टीएमसी, भाजपा और जांच एजेंसियों के बीच तनाव बना हुआ है। भ्रष्टाचार के मामलों और चोरबागान भगदड़ की जांच को लेकर राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप भी तेज हो गए हैं।

First Published on: October 30, 2026 10:54 AM
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