अयोध्या। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दीपावली 2026 के अवसर पर अयोध्या में पिछले एक दशक के दौरान हुए बदलावों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि सरयू नदी के जिन घाटों पर कभी श्रद्धालुओं पर लाठियां चलाई जाती थीं, आज वहां लाखों मिट्टी के दीपक जगमगा रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने रविवार को कारसेवकपुरम में आयोजित दीपोत्सव मिलन समारोह के दौरान संतों से मुलाकात की। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि 10 साल पहले की अयोध्या और आज की अयोध्या के बीच आया बदलाव सभी के लिए खुशी और उत्साह का विषय है।
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पहले देश और दुनिया में अयोध्या का नाम लेने पर सकारात्मक माहौल नहीं बनता था, लेकिन आज अयोध्या का नाम सुनते ही लोगों के मन में श्रद्धा और भक्ति का भाव जागृत होता है।
उन्होंने इस बदलाव का श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व को देते हुए राम मंदिर निर्माण में विश्व हिंदू परिषद के पूर्व अंतरराष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष अशोक सिंघल के योगदान का भी उल्लेख किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अयोध्या की पवित्रता और गरिमा को बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि जिन गलियों में कभी गोलियां चली थीं, आज वहां विकास हो रहा है। सरयू के घाटों पर जहां कभी श्रद्धालुओं पर लाठियां चलाई जाती थीं, वहां आज लाखों दीपक रोशनी बिखेर रहे हैं।
उन्होंने त्योहारों की सार्थकता पर जोर देते हुए कहा कि पर्वों की वास्तविक खुशी तभी है, जब समाज के वंचित, जरूरतमंद और गरीब लोगों के साथ भी खुशियां साझा की जाएं।
इस दौरान मुख्यमंत्री ने श्री अयोध्या धाम के संतों से भी मुलाकात की। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर उन्होंने लिखा कि अयोध्या की संत परंपरा तपस्या, त्याग और प्रभु श्रीराम के प्रति समर्पण की जीवंत अभिव्यक्ति है।
उन्होंने श्री मणिरामदास छावनी के महंत और श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास जी महाराज से भी आशीर्वाद प्राप्त किया।
इससे पहले मुख्यमंत्री ने दीपावली की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि हजारों वर्षों पुरानी भारतीय सांस्कृतिक विरासत सनातन परंपरा के अनुयायियों के लिए गौरव और प्रेरणा का स्रोत है। उन्होंने कहा कि यह विरासत लोगों को सुख, समृद्धि और सुशासन के मार्ग पर आगे बढ़ने की प्रेरणा देती है।
गौरतलब है कि शनिवार को अयोध्या में दीपोत्सव के 10वें संस्करण का आयोजन किया गया। इस दौरान सरयू नदी के 56 घाटों पर लाखों मिट्टी के दीपक जलाए गए और पूरी नगरी दीपों की रोशनी से जगमगा उठी।
