मानसा। पंजाब में नशे के खिलाफ अभियान चलाने वाले सामाजिक कार्यकर्ता परमिंदर सिंह झोटा को रविवार को अंतिम विदाई दी जाएगी। उनके अंतिम संस्कार से पहले परिवार और समर्थक उन्हें भावुक श्रद्धांजलि देंगे। परिवार के सदस्यों ने बताया कि उनके पार्थिव शरीर का फूलों की वर्षा के साथ स्वागत किया जाएगा।
परमिंदर सिंह झोटा की 13 अक्टूबर को मानसा में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। वह पंजाब में नशे के खिलाफ अभियान चलाने के लिए जाने जाते थे। परिवार ने उन्हें समाज और पंजाब के लोगों के लिए संघर्ष करने वाला योद्धा बताया। परिजनों का कहना है कि युवाओं को उनके संघर्ष से प्रेरणा लेकर नशे के खिलाफ लड़ाई में शामिल होना चाहिए।
समाचार एजेंसी ANI से बातचीत में परिवार के एक सदस्य ने कहा कि उनके लिए झोटा केवल परिवार के सदस्य नहीं, बल्कि समाज के लिए लड़ने वाले योद्धा थे। वहीं, रिश्तेदार जसपाल ने बताया कि श्री अकाल तख्त साहिब की ओर से उन्हें शहीद का दर्जा दिए जाने के सम्मान में उन पर फूल बरसाए जाएंगे।
परिवार ने दीपावली के अवसर पर पंजाब के युवाओं से नशे से दूर रहने और राज्य को नशामुक्त बनाने का संकल्प लेने की अपील की है।
इससे पहले 7 नवंबर को चंडीगढ़ स्थित PGIMER में पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद झोटा के पिता भीम सिंह ने युवाओं से भावुक अपील की थी। उन्होंने कहा था कि उनके बेटे का अंतिम संस्कार दीपावली के अवसर पर इसलिए रखा गया है, ताकि पंजाब के युवा एकजुट होकर नशे से पूरी तरह दूर रहने का संकल्प लें।
भीम सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से अपने पोते-पोतियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की भी अपील की थी। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके बेटे को धमकियां मिलने के बावजूद पर्याप्त सुरक्षा नहीं दी गई और अब उनके परिवार के अन्य सदस्यों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता है।
झोटा की हत्या के बाद पंजाब की राजनीति में भी विवाद खड़ा हो गया है। विपक्षी दलों ने मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली सरकार पर कानून-व्यवस्था की स्थिति और नशे के खिलाफ अभियान की प्रभावशीलता को लेकर सवाल उठाए हैं।
पंजाब कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राजा वड़िंग, कांग्रेस नेता सुखपाल सिंह खैरा, शिरोमणि अकाली दल के नेता बिक्रम सिंह मजीठिया और केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू सहित कई नेताओं ने राज्य सरकार की आलोचना की है।
वहीं, झोटा की मां ने पहले आरोप लगाया था कि उनके बेटे को जान का खतरा था और वह अक्सर अपनी सुरक्षा को लेकर चिंता जताते थे। उन्होंने नशा तस्करी में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की थी। उनकी मां ने मुख्यमंत्री भगवंत मान पर भी गंभीर आरोप लगाए थे।
इस मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने हत्या के केस को दोबारा दर्ज कर विस्तृत जांच शुरू कर दी है। परिवार ने उम्मीद जताई है कि झोटा को न्याय मिलेगा और पंजाब के युवा उनके नशामुक्त समाज के अभियान को आगे बढ़ाएंगे।
