अंबेडकर जयंती पर अखिलेश यादव का आरोप- ‘बीजेपी सरकार में सबसे ज्यादा तोड़ी गईं बाबा साहेब की प्रतिमा’


समाजवादी पार्टी (सपा) अध्यक्ष एवं उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने मंगलवार को राज्य में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) पर तंज करते हुए कहा कि जिनके राज में सबसे ज्यादा अंबेडकर प्रतिमाएं तोड़ी गईं वे अब राज्य में ‘डॉक्टर अंबेडकर मूर्ति विकास योजना’ के लिए बजट जारी करके ‘झूठा संदेश’ देना चाहते हैं।

यादव ने अंबेडकर की 135वीं जयंती पर लखनऊ के हजरतगंज स्थित उनकी प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित करने के बाद एक सवाल पर राज्य की बीजेपी नीत सरकार द्वारा प्रदेश में स्थापित अंबेडकर प्रतिमाओं पर छतरी लगाने तथा सौंदर्यीकरण के अन्य कार्यों के लिए 403 करोड रुपये का बजट जारी किए जाने के फैसले पर तंज किया।

उन्होंने कहा, ‘बीजेपी की पिछली 10 साल की सरकार में सबसे ज्यादा डॉक्टर अंबेडकर की ही प्रतिमाएं तोड़ी गई हैं और जो तोड़ने वाले हैं, वे ही लोग वह बजट देकर चुनाव से पहले एक झूठा संदेश देना चाहते हैं। लेकिन उत्तर प्रदेश की जनता समझदार है और बीजेपी की साजिश और षडयंत्रों से सावधान भी।’

सपा प्रमुख यादव ने आरोप लगाते हुए कहा कि अभी दलित और पिछड़ों के खिलाफ और खासकर पीडीए (पिछड़े दलित एवं अल्पसंख्यक) वर्ग के खिलाफ लगातार भेदभाव और अन्याय हो रहा है और कभी-कभी इतना शोषण होता है कि मान-सम्मान के लिए कभी-कभी लोग आत्महत्या भी कर लेते हैं।

उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य में स्थापित डॉक्टर भीमराव अंबेडकर की प्रतिमाओं के सौंदर्यीकरण और सुरक्षा के लिए ‘डॉक्टर अंबेडकर मूर्ति विकास योजना’ के तहत 403 करोड़ रुपये का बजट जारी किया है। राज्य मंत्रिमंडल ने पिछले हफ्ते से संबंधित प्रस्ताव को मंजूरी दी थी। इस योजना के तहत राज्य के विभिन्न स्थानों पर स्थापित डॉक्टर अंबेडकर की मूर्तियों पर सुरक्षात्मक छतरी लगाने के साथ-साथ चारदीवारी, सौंदर्यीकरण और प्रकाश की व्यवस्था की जाएगी।

अखिलेश यादव ने कहा कि सपा बहुजन समाज के हजारों सालों से हो रहे शोषण के खिलाफ और सामाजिक न्याय के राज्य की स्थापना के लिए लगातार संघर्ष कर रही है और आगे भी करती रहेगी, भले ही इसके लिए कुछ साल लगें या सदी।

उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री यादव ने बीजेपी पर तंज करते हुए कहा कि पिछले लोकसभा चुनाव में 400 सीट जीतने के बाद संविधान बदलने की बात कहने वाले लोग जनता से पराजय मिलने के बाद भूमिगत हो गए हैं। उन्होंने कहा कि वह भूमिगत जरूर हो गए हैं लेकिन सभी लोगों को मिलकर उन्हें हराना भी है और हटाना भी।

यादव ने कहा कि बाबा साहब भीमराव अंबेडकर का संविधान केवल एक कागजी दस्तावेज नहीं है, बल्कि वह लोहे की तलवार है जो समय-समय पर सम्मान दिलाने का काम करती है। उन्होंने कहा, ‘संविधान हमारे लिए ढाल है, संजीवनी है। संविधान हमें न्याय दिलाता है। संविधान बाबा साहब भीमराव अंबेडकर की देन है जो हमें बराबरी और आगे बढ़ने का मौका देता है। संविधान हमारा रक्षक है और उसे बचाने के लिए हम लोग हमेशा बाबा साहब भीमराव अंबेडकर के सिद्धांतों को आगे बढ़ाने का काम करेंगे।’



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