नोएडा में श्रमिकों के उग्र प्रदर्शन के बाद योगी सरकार ने न्यूनतम मजदूरी में अंतरिम बढ़ोतरी की घोषणा की

नोएडा/लखनऊ। नोएडा और ग्रेटर नोएडा के औद्योगिक क्षेत्रों में वेतन वृद्धि, 8 घंटे कार्य दिवस और बेहतर काम की परिस्थितियों की मांग को लेकर चल रहे श्रमिकों के हिंसक प्रदर्शन के एक दिन बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने न्यूनतम मजदूरी में अंतरिम बढ़ोतरी का बड़ा फैसला लिया है। यह वृद्धि 1 अप्रैल 2026 से प्रभावी होगी।

सरकार की उच्चस्तरीय समिति ने गौतम बुद्ध नगर (नोएडा) और गाजियाबाद क्षेत्र में अकुशल श्रमिकों का मासिक वेतन 11,313 रुपये से बढ़ाकर 13,690 रुपये कर दिया है। अर्ध-कुशल श्रमिकों को 15,059 रुपये और कुशल श्रमिकों को 16,868 रुपये प्रति माह मिलेगा। अन्य नगर निगम क्षेत्रों में अकुशल के लिए 13,006 रुपये जबकि शेष जनपदों में 12,356 रुपये तय किया गया है। यह बढ़ोतरी लगभग 9 से 21 प्रतिशत तक है, जिसमें नोएडा-गाजियाबाद क्षेत्र में सबसे ज्यादा इजाफा हुआ है।

सोमवार 13 अप्रैल को नोएडा के फेज-2, सेक्टर 60, 62, 63 और 84 सहित कई औद्योगिक इलाकों में हजारों फैक्ट्री मजदूर सड़कों पर उतर आए। प्रदर्शनकारियों की भीड़ से दिल्ली-नोएडा बॉर्डर पर भारी ट्रैफिक जाम लगा और कई जगह पुलिस को आंसू गैस का इस्तेमाल करना पड़ा।

श्रमिकों की मुख्य मांगें थीं:

प्रदर्शन हरियाणा में हालिया 35 प्रतिशत मजदूरी वृद्धि के बाद शुरू हुआ, जहां मजदूरों ने यूपी में भी समान स्तर की मांग की। कई श्रमिकों ने बताया कि वे 12 घंटे काम करके भी मात्र 13,000-14,000 रुपये कमा पा रहे हैं, जो बढ़ती महंगाई में गुजारा मुश्किल बना रहा है।

उत्तर प्रदेश के श्रम मंत्री अनिल राजभर ने प्रदर्शन को “संगठित षड्यंत्र” करार दिया और जांच में “पाकिस्तानी कनेक्शन” की भी संभावना जताई। उन्होंने कहा कि हाल में मेरठ और नोएडा से पाकिस्तान से लिंक वाले आतंकवादियों की गिरफ्तारी के बाद यह अशांति विकास विरोधी ताकतों का प्रयास हो सकता है। पुलिस ने अब तक करीब 300-350 लोगों को गिरफ्तार किया है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर गठित उच्चस्तरीय समिति ने देर रात बैठक के बाद यह अंतरिम बढ़ोतरी मंजूर की। सरकार ने इसे संतुलित फैसला बताया, जिसमें उद्योगों की स्थिरता और श्रमिक कल्याण दोनों का ध्यान रखा गया है। आगे पूर्ण वेज रिवीजन के लिए वेज बोर्ड गठित करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।

ऑल इंडिया ट्रेड यूनियन कांग्रेस (AITUC) के महामंत्री चंद्रशेखर ने इस बढ़ोतरी को “अपर्याप्त” बता रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह दशकों से लंबित वास्तविक वेज रिवीजन की जगह नहीं ले सकती। वे 8 घंटे कार्य दिवस, डबल ओवरटाइम और पूर्ण श्रम कानूनों के पालन की मांग पर अड़े हुए हैं। कुछ जगहों पर आज भी सिट-इन प्रदर्शन जारी है।

यू.पी. वर्कर्स फ्रंट के पूर्व अध्यक्ष दिनकर कपूर ने कहा कि यह घटनाक्रम राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) के एकीकृत औद्योगिक बेल्ट में मजदूरी असमानता को उजागर करता है।

सरकार ने श्रमिकों से शांति बनाए रखने और कानूनी रास्ते से मांगें उठाने की अपील की है, साथ ही उद्योगपतियों से भी श्रम कानूनों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने को कहा है।

First Published on: April 14, 2026 12:04 PM
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