राम मंदिर चंदा चोरी मामले में 6 लोगों के खिलाफ FIR की तैयारी


उत्तर प्रदेश के अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावा चोरी के कथित आरोपों की विशेष जांच कमेटी द्वारा जांच के बाद अब प्राथमिकी दर्ज कराई जा सकती है। यह दावा सूत्रों ने किया है। सूत्रों के अनुसार इस मामले में 6 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की तैयारी हो रही है।

इसके साथ ही राम मंदिर ट्रस्ट के प्रशासनिक ढांचे में भी बदलाव की चर्चा है। सूत्रों के अनुसार, ट्रस्ट के नए सीईओ के रूप में एक रिटायर्ड अधिकारी की नियुक्ति की तैयारी की जा रही है।

बता दें एफआईआर की तैयारी और ट्रस्ट के स्वरूप में बदलाव की चर्चा ऐसे समय में हो रही है जब समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा था कि बिना एफआईआर के एसआईटी वैसे ही है जैसे बिना तीर के कमान।

उन्होंने कहा था कि एसआईटी का मतलब ‘शेयर इन थेफ्ट’ यानी चोरी में हिस्सेदारी है। यादव ने यहां पार्टी मुख्यालय में प्रेसवार्ता में कहा, ‘यह घोर पाप है और आस्था के साथ छेड़छाड़ की गई है। यह चढ़ावा पूरे राज्य और देश का था और योगदान अंतरराष्ट्रीय स्तर से भी आया था। यह बहुत संवेदनशील मुद्दा है।’

इस मामले में विशेष जांच दल (एसआईटी) की जांच के उद्देश्य पर सवाल उठाते हुए यादव ने कहा था, ‘एसआईटी का क्या मतलब है? क्या इसका मतलब चोरी में हिस्सा है या कुछ और? क्या हमें इसे ‘चोरी में हिस्सेदारी’ या ‘सेंध (विश्वास में सेंध)’ कहना चाहिए? ‘ उन्होंने कहा कि एसआईटी का मतलब ‘शेयर इन थेफ्ट’ मतलब चोरी में हिस्सेदारी है। उन्होंने कहा कि करोड़ों श्रद्धालुओं ने राम मंदिर का दर्शन कर दान दिया था।

उन्होंने कहा, ‘प्रदेश के हर लोकसभा क्षेत्र से अगर 10 करोड़ रुपये भी मानें तो 800 करोड़ रुपये का चढ़ावा प्रभु श्रीराम को चढ़ाया गया है। लोग गुप्तदान भी करते हैं। अब गुप्तदान करने वाले अगर बोलेंगे तो उनके घर ईडी और सीबीआई पहुंच जाएगी।’



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