उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार जल्द ही सरकारी कर्मचारियों के लिए ट्रांसफर नीति जारी कर सकती है। सूत्रों के हवाले से प्राप्त जानकारी के अनुसार सरकार सरकारी कर्मचारियों के लिए स्थानांतरण नीति पर अहम फैसला ले सकती है।
सरकार द्वारा सरकारी कर्मचारियों के मई में ही तबादलों की प्रक्रिया पूरी करने की योजना है। इसके अलावा जो अधिकारी किसी जिले में 3 साल और मंडल में 7 साल पूरे कर चुके वह कर्मचारी हटाए जाएंगे। स्थानांतरण नीति के जरिए प्रदेश सरकार हर साल समूह क, ख और ग के अधिकारियों का स्थानांतरण करती है।
जनगणना और पंचायत चुनाव की संभावना के मद्देनजर इस बार कार्मिक विभाग ने अप्रैल में ही स्थानांतरण नीति लाने की तैयारी की है। समूह क और ख के स्थानांतरण संवर्गवार कार्यरत अधिकारियों की संख्या की अधिकतम 20 फीसदी तक किए जा सकेंगे।
समूह ग और घ के कार्मिकों के स्थानांतरण संवर्गवार कुल कार्यरत कार्मिकों की संख्या के अधिकतम 10 फीसदी तक किए जा सकेंगे। दिव्यांग बच्चों के माता-पिता की तैनाती समुचित इलाज वाले स्थानों पर प्राथमिकता के आधार पर होगी।
योगी आदित्यनाथ सरकार द्वारा स्थानांतरण नीति का जल्द ऐलान किया जाएगा। इस बार नीति में दिव्यांग बच्चों के माता-पिता जो सरकारी कर्मचारी हैं उन्हें राहत मिल सकती है। सरकार द्वारा ऐसे परिजनों को बच्चों की स्थिति देखते हुए नजदीक में ही ट्रांसफर दिया जाएगा।
बताया जा रहा है कि सीएम योगी द्वारा ट्रांसफर नीति को लेकर जल्द फैसला लिया जा सकता है। सरकार द्वारा अलग-अलग विभागों के लिए भी दिशा-निर्देश जारी किए जा सकते हैं। सरकार ने पिछले साल 2025 में 15 मई से सभी विभागों में ट्रांसफर के आदेश दिए थे।
साथ ही 15 जून 2025 तक अधिकारियों के ट्रांसफर किए गए थे। पिछली बार की नीति में भी यही प्रावधान था। कोई अधिकारी जिले में 3 साल और मंडल में 7 साल पूरे कर चुका है उसका ट्रांसफर कर दिया गया था।
