डोनाल्ड ट्रंप ने किया युद्ध रोकने का ऐलान, होर्मुज स्ट्रेट खुलेगा

नागरिक न्यूज नागरिक न्यूज
विदेश Updated On :

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार (08 अप्रैल, 2025) को ईरान के साथ सीजफायर का ऐलान कर दिया है। जंग के 40 दिन बाद दोनों देश सीजफायर पर सहमत हुए हैं। इससे पहले ट्रंप ने कहा था कि डेडलाइन खत्म होने से पहले अगर ईरान सीजफायर नहीं करता है तो उसके पावर प्लांट और बुनियादी ढांचों को निशाना बनाया जाएगा।

ट्रंप ने ईरान की ओर से पेश किए गए 10 सूत्रीय शांति प्रस्ताव को व्यावहारिक बताया। उन्होंने कहा कि अमेरिका ईरान के पावर प्लांट, पुलों और अन्य बुनियादी ढांचों को निशाना बनाने से परहेज करेगा। मिडिल ईस्ट में शांति स्थापित करने के लिए वाशिंगटन और तेहरान के बीच 10 अप्रैल को इस्लामाबाद में मीटिंग होगी।

कूटनीतिक प्रयासों में तेजी आने के बावजूद जमीनी स्तर पर अनिश्चितता और हिंसा जारी रही। ईरान ने सीजफायर समझौते को स्वीकार कर लिया है, लेकिन खाड़ी क्षेत्र में हमलों की आशंका बनी रही। व्हाइट हाउस की ओर से सीजफायर पर सहमति जताए जाने के बावजूद, इज़रायली सेना ने ईरान पर हमले जारी रखे।

ट्रंप ने ऐलान करते हुए कहा, ‘मैं आज रात ईरान पर भेजे जा रहे विनाशकारी बल को रोक रहा हूं और अगर इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान होर्मुज स्ट्रेट को पूरी तरह, तुरंत और सुरक्षित रूप से खोलने पर सहमत होता है तो मैं दो सप्ताह की अवधि के लिए ईरान पर बमबारी और हमले को निलंबित करने पर सहमत हूं।’

ईरान ने कहा, ‘अगर उस पर हमले रोक दिए जाते हैं तो हमारी शक्तिशाली सशस्त्र सेनाएं अपने रक्षात्मक अभियान बंद कर देंगी।’ ईरान ने यह भी कहा कि वह अमेरिका के 15 सूत्रीय प्रस्ताव पर आधारित वार्ता के अनुरोध पर विचार कर रहा है। साथ ही वाशिंगटन द्वारा ईरान की 10 सूत्रीय योजना को वार्ता के ढांचे के रूप में स्वीकार करने पर भी विचार कर रहा है।’

तेहरान ने आगे कहा कि दो सप्ताह की अवधि के लिए, ईरान के सशस्त्र बलों के समन्वय और तकनीकी सीमाओं को ध्यान में रखते हुए होर्मुज स्ट्रेट से सुरक्षित आवागमन संभव होगा।

ईरान ने इसे तेहरान की जीत बताया और उसकी सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद ने कहा कि ट्रंप ने शत्रुता समाप्त करने के लिए ईरान की शर्तें मान ली हैं। हालांकि, व्हाइट हाउस ने जवाब दिया कि वास्तविकता यह है कि राष्ट्रपति ट्रंप और अमेरिकी सेना ने ईरान को होर्मुज स्ट्रेट को फिर से खोलने के लिए मजबूर किया था।

व्हाइट हाउस के अधिकारियों ने पुष्टि की है कि इज़राइल ईरान के खिलाफ बमबारी अभियान को रोकने पर सहमत हो गया है। हालांकि, इजरायली सैन्य अधिकारियों ने कहा कि देश अभी भी हमले कर रहा है। तेल अवीव की ओर से औपचारिक बयान का इंतजार है।

ईरान और अमेरिका के बीच सीजफायर का ऐलान हो चुका है, इसके बावजूद सऊदी अरब, बहरीन और कुवैत सहित खाड़ी क्षेत्र में मिसाइल अलर्ट जारी किए गए।

खबरों के मुताबिक, ईरान की दीर्घकालिक शांति योजना में ओमान के साथ समन्वय में होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले जहाजों पर टैक्स लगाना शामिल है। तेहरान का कहना है कि इस राजस्व का उपयोग पुनर्निर्माण के लिए किया जाएगा। इसके अलावा युद्ध समाप्त करने के लिए ईरान की शर्तों में क्षेत्र से अमेरिकी लड़ाकू बलों की वापसी, प्रतिबंधों को हटाना और उसकी जब्त संपत्तियों को जारी करना शामिल है।

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने कहा कि युद्धविराम में इजरायल और हिजबुल्लाह से लेबनान में लड़ाई रोकने की भी मांग की गई है। उन्होंने ईरान और अमेरिका के डेलीगेशन को शुक्रवार को इस्लामाबाद में मिलने का निमंत्रण दिया है और स्थायी शांति और आने वाले दिनों में और अच्छी खबरें मिलने की कामना की है।